नशा मुक्त पंजाब के लिए AAP का मिशन मोड, मनीष सिसोदिया ने नेताओं को दी सख्त चेतावनी
हर गांव की जवाबदेही तय करने पर जोर, विधायकों को दी सीधी जिम्मेदारी नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, सरकार-पुलिस-जनता साथ लंबी लड़ाई के लिए हिम्मत जरूरी, सिसोदिया का कार्यकर्ताओं को संदेश

चंडीगढ़, 21 मार्च
आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री Manish Sisodia ने अमृतसर में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम के तहत पार्टी नेताओं, विधायकों और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने मिशन मोड में इस लड़ाई को आगे बढ़ाने और हर गांव तक इसकी जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया।
संघर्ष से बनी पार्टी, सत्ता से नहीं
सभा को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी की शुरुआत Arvind Kejriwal के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल से हुई थी। उन्होंने कहा कि यह पार्टी सत्ता के लिए नहीं, बल्कि संघर्ष और बलिदान से बनी है और इसे उसी भावना के साथ आगे बढ़ाना होगा।
दिल्ली में चुनौतियों के बावजूद काम जारी
उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकार बनने के बाद केंद्र सरकार के साथ टकराव की स्थिति बनी रही। एंटी-करप्शन ब्रांच और अधिकारियों के ट्रांसफर जैसे अधिकार छीन लिए गए, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने काम करना नहीं छोड़ा और शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए।
ईमानदारी की राजनीति पर निशाना
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि Narendra Modi सरकार ने आम आदमी पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए कथित शराब घोटाले के आरोप कोर्ट में टिक नहीं पाए और अंततः मामला शून्य साबित हुआ।
लंबी लड़ाई के लिए हिम्मत जरूरी
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह लड़ाई लंबी है और इसके लिए साहस जरूरी है। उन्होंने पंजाब की धरती को शहीदों और गुरुओं की भूमि बताते हुए कहा कि यहां से प्रेरणा लेकर नशे के खिलाफ मजबूती से लड़ना होगा।
विधायकों की जवाबदेही तय करने पर जोर
सिसोदिया ने स्पष्ट कहा कि अगर किसी गांव या वार्ड में नशा बिक रहा है तो स्थानीय नेतृत्व जिम्मेदार होगा। विधायकों को खुद गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए और नियमित रूप से ब्लॉक इंचार्ज से रिपोर्ट लेनी चाहिए।
ब्लॉक स्तर पर होगी सख्त मॉनिटरिंग
उन्होंने बताया कि 24 से 31 मार्च तक सभी ब्लॉकों में बैठकें आयोजित की जाएंगी, जहां हर गांव की स्थिति की रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें यह तय किया जाएगा कि कहां नशा खत्म हुआ है और कहां अभी कार्रवाई की जरूरत है।
सरकार, पुलिस और जनता की संयुक्त मुहिम
उन्होंने कहा कि पहली बार पंजाब में सरकार, पुलिस और जनता मिलकर नशे के खिलाफ ईमानदारी से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann और अरविंद केजरीवाल के निर्देश स्पष्ट हैं कि नशे से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर
सिसोदिया ने कहा कि अगर पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता नशा तस्करी में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी और सरकार दोनों स्तर पर जीरो टॉलरेंस लागू होना जरूरी है।
गोपनीय शिकायत प्रणाली की व्यवस्था
उन्होंने बताया कि शिकायतों के लिए एक गोपनीय ऐप तैयार की गई है, जिसमें शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। इससे लोग बिना डर के नशा तस्करी के खिलाफ जानकारी दे सकेंगे।
भावुक अपील और सख्त संदेश
सिसोदिया ने कहा कि अगर पंजाब को नशा मुक्त नहीं बनाया जा सका तो राजनीति में रहने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि अगर उनमें नशा माफिया से लड़ने की हिम्मत नहीं है, तो पार्टी छोड़ देना चाहिए।
व्यक्तिगत अनुभव साझा किया
उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियों ने उनके घर पर छापे मारे और उन पर दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने पार्टी और अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी इसी तरह डटे रहने की अपील की।
भविष्य की रणनीति और लक्ष्य
सिसोदिया ने कहा कि 31 मार्च के बाद वे खुद गांव-गांव जाकर प्रगति की समीक्षा करेंगे। हर क्षेत्र को यह बताना होगा कि कितने गांव नशा मुक्त हुए हैं और आगे की समय-सीमा क्या है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से नशा मुक्त पंजाब का लक्ष्य जरूर हासिल किया जाएगा।



