जौनपुर नेहरू विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक क्लब का ‘विरासत 2026’ भव्य आगाज़
भारत-नृत्य और संगीत से सजा ‘विरासत 2026’ का भव्य आगाज़ पद्मश्री गीता चंद्रन की प्रस्तुति ने मोहा दर्शकों का मन युवा पीढ़ी को शास्त्रीय विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल

जौनपुर नेहरू विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक क्लब द्वारा 10 फरवरी को जौनपुर कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय स्पिक मैक कार्यक्रम ‘विरासत 2026’ का भव्य उद्घाटन भारतनाट्यम प्रस्तुति के साथ किया गया। भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य को समर्पित इस आयोजन में विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और कला प्रेमियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति देखने को मिली।
आयोजन का उद्देश्य और सहयोग
यह कार्यक्रम स्पिक मैक (सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंगस्ट यूथ) के तत्वावधान में संस्कृति मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार और सूरजकुंड फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और शास्त्रीय कलाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
गीता चंद्रन की मनमोहक प्रस्तुति
उद्घाटन सत्र में पद्मश्री एवं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित विदुषी गीता चंद्रन ने मनमोहक भारतनाट्यम प्रस्तुति दी। उनके सशक्त अभिनय, जटिल पद संचालन और भावपूर्ण कथावाचन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर उनके साथ वायलिन पर श्री एम. बालासुब्रमण्यम, मृदंगम पर श्री के. चेलेश्वरन और वोकल पर श्री रायवेद प्रसाद की संगत ने प्रस्तुति को और भी प्रभावशाली बनाया।
प्रशासनिक मार्गदर्शन और सहयोग
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. शांत्रि कुलश्रेष्ठ पंडिता, माननीय कुलपति, जौनपुर की प्रेरणा और मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन में प्रो. ब्रजेश कुमार गुप्ता (रेक्टर), प्रो. देवेंद्र नाथ झा (डीन), प्रो. विवेक (रजिस्ट्रार) तथा प्रो. मुरलीधर चौधरी (डीन ऑफ स्टूडेंट्स) का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के संचालन में श्रीमती उषा चंदकंदन, पूर्व उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय समन्वयक, स्पिक मैक, तथा डॉ. रंजना जर्जरी, कार्यक्रम समन्वयक, सांस्कृतिक समिति, का अहम योगदान रहा।
अगले चरण की प्रस्तुतियां
उत्सव का अगला चरण 11 फरवरी को शाम 4:30 बजे पंडित मधुप मुद्गल की हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन प्रस्तुति से आरंभ होगा, जिसके बाद शाम 6:30 बजे पंडित अभय रस्तोगी की हिंदुस्तानी शास्त्रीय वादन प्रस्तुति होगी। ‘विरासत 2026’ के माध्यम से विश्वविद्यालय समुदाय और जौनपुर के कला प्रेमियों को भारतीय शास्त्रीय परंपराओं का सजीव अनुभव करने का अवसर मिल रहा है। समापन दिवस पर इस सांस्कृतिक उत्सव को भव्य अंदाज़ में विदाई दी जाएगी।



