गया एयरपोर्ट पर हाईजैकिंग मॉक ड्रिल: सभी यात्री सुरक्षित

गया एयरपोर्ट पर हाईजैकिंग की मॉक ड्रिल सफल सभी 156 यात्री सुरक्षित निकाले गए, दो आतंकियों को ढेर किया गया सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित और संगठित कार्रवाई का अभ्यास

गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार देर शाम एयर इंडिया की पटना–कोलकाता फ्लाइट (एयरबस A319) को हाईजैक करने की सूचना मिली। इस खबर से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, विमान (VT–XYZ, कॉल साइन ABC–123) में 6 क्रू मेंबर और 156 यात्री सवार थे। बताया गया कि तीन आतंकियों ने फ्लाइट को अपने कब्जे में ले लिया और इसे गया एयरपोर्ट पर उतारा। सूचना मिलते ही सीआईएसएफ की क्यूआरटी टीम, बिहार एटीएस और जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। एयरपोर्ट की घेराबंदी कर दी गई और संवेदनशील क्षेत्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। अधिकारियों ने मौके पर बैठक कर हाईजैकिंग जैसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई की रणनीति तय की।

 

ऑपरेशन: दो आतंकियों को ढेर, एक गिरफ्तार

एटीएस टीम ने डेढ़ से दो घंटे तक ऑपरेशन चलाते हुए दो आतंकियों को ढेर किया और एक को गिरफ्तार कर लिया। सभी 156 यात्री पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाले गए। इसके बाद अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी घटना एक मॉक ड्रिल थी। इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वास्तविक हाईजैकिंग जैसी स्थिति में सभी सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेज और संगठित तरीके से प्रतिक्रिया कर सकती हैं।

 

हाईजैकिंग में सुरक्षा सिस्टम कैसे काम करता है

गया एयरपोर्ट के कार्यकारी निदेशक अवधेश कुमार ने बताया कि मॉक एक्सरसाइज को वास्तविक स्थिति की तरह अंजाम दिया गया। हर एयरपोर्ट पर एक विमानपत्तन समिति होती है, जो हाईजैकिंग जैसी घटनाओं में सक्रिय हो जाती है। इस समिति में शामिल हैं:

 

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)जिला प्रशासन और राज्य पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एयरलाइन ऑपरेटर, अन्य महत्वपूर्ण विभाग, ये सभी मिलकर तय करते हैं कि हाईजैकिंग जैसी गंभीर स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए और ऑपरेशन को सबसे सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया जाए।

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