इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध: दवाइयों और खाने का वैश्विक संकट गहराया
युद्ध का असर अब दवाइयों और खाने तक पहुंचा सप्लाई चेन टूटने से मदद पहुंचाना मुश्किल लाखों लोगों की जिंदगी पर बढ़ा खतरा

Iran crisis: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका सीधा असर दुनिया भर में दवाइयों और खाद्य आपूर्ति पर पड़ रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। सहायता संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर यह संघर्ष जल्द नहीं रुका, तो जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाना और मुश्किल हो जाएगा।
शिपिंग रूट बंद होने से बढ़ी परेशानी
इस युद्ध ने कई अहम समुद्री रास्तों को प्रभावित कर दिया है, जिससे सप्लाई चेन बुरी तरह टूट गई है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण रूट पर असर पड़ा है। दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे बड़े ट्रांजिट हब से जाने वाले रास्ते भी बाधित हो रहे हैं। इसके चलते सामान भेजने में ज्यादा समय लग रहा है और लागत भी तेजी से बढ़ रही है।
दवाइयां और खाना रास्ते में फंसा
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के मुताबिक हजारों टन भोजन समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। इंटरनेशनल रेस्क्यू कमिटी (IRC) ने बताया कि सूडान के लिए भेजी जा रही लाखों की दवाइयां दुबई में फंसी हुई हैं। वहीं सोमालिया के कुपोषित बच्चों के लिए जरूरी थेरेप्यूटिक फूड की खेप भारत में अटकी हुई है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने भी 16 देशों में जरूरी उपकरण भेजना फिलहाल रोक दिया है।
कोविड के बाद सबसे बड़ा संकट
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यह कोविड-19 महामारी के बाद सप्लाई चेन पर पड़ा सबसे बड़ा असर है। शिपिंग लागत में करीब 20% तक की बढ़ोतरी हो चुकी है और देरी लगातार बढ़ रही है। इस बीच ईरान और लेबनान जैसे देशों में हालात और खराब हो रहे हैं, जहां लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही युद्ध नहीं रुका, तो इसका असर लंबे समय तक रहेगा और राहत सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचने में महीनों की देरी हो सकती है।



