इंदौर में चाइनीज मांझे से मौत, कलेक्टर ने लगाया सख्त प्रतिबंध

इंदौर में चाइनीज मांझे से हादसा, 1 की मौत और 2 घायल कलेक्टर शिवम वर्मा ने चाइनीज मांझे पर कड़ा प्रतिबंध लगाया उल्लंघन पर IPC 2023 की धारा 106(1) के तहत 5 साल तक जेल और जुर्माना

Indore news: पतंगबाजी में इस्तेमाल होने वाले चाइनीज मांझे के कारण लगातार हादसे सामने आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर में भी ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने जिले में चाइनीज मांझे के खिलाफ सख्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इसी बीच इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने चाइनीज मांझे के इस्तेमाल को लेकर सख्त आदेश जारी किया है। कलेक्टर ने साफ किया है कि यदि चाइनीज मांझे के कारण किसी व्यक्ति की मौत होती है या वह गंभीर रूप से घायल होता है, तो दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता (IPC) 2023 की धारा 106(1) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस धारा के तहत दोषी को 5 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है।

 

क्यों जारी किया गया आदेश?

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं से यह स्पष्ट हुआ है कि पतंगबाजी में इस्तेमाल होने वाला चाइनीज मांझा न सिर्फ इंसानों बल्कि पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। कई मामलों में पक्षी इस धारदार धागे में उलझकर घायल हो जाते हैं और कई बार उनकी मौत तक हो जाती है। इसके अलावा सड़क पर चलने वाले राहगीर भी इस मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कुछ मामलों में लोगों की जान भी जा चुकी है। इन्हीं खतरों को देखते हुए पहले ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

 

क्या सजा मिलेगी?

कलेक्टर के आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रतिबंध के बावजूद चोरी-छिपे चाइनीज मांझे का इस्तेमाल जारी है, जिससे हाल ही में जनहानि की घटनाएं हुई हैं। कई लोग यह मानकर नियम तोड़ रहे हैं कि पहचान न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106(1) के तहत यदि किसी की लापरवाही या उतावलेपन से किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो उसे 5 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था या आयोजक पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के साथ-साथ धारा 106(1) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित और कानूनी तरीकों से ही पतंगबाजी करें, ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़े।

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