VIT सीहोर में अव्यवस्थाओं का खुलासा, सरकार ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

मध्य प्रदेश सरकार ने VIT सीहोर में छात्रों की शिकायतों को गंभीर माना। हॉस्टल में भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं खराब पाई गईं। प्रबंधन पर मनमानी और पारदर्शिता की कमी के गंभीर आरोप लगे।

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित VIT वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में 25 नवंबर को हुई आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय को धारा 41(1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।नोटिस में कहा गया है कि विश्वविद्यालय में लगभग 15,000 छात्र पढ़ते हैं, लेकिन हॉस्टल मेस की सेवाएं बेहद खराब पाई गईं। भोजन और जलपान की गुणवत्ता को लेकर ज्यादातर छात्रों ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कई छात्राओं ने शिकायत की कि हॉस्टल में मिलने वाला पेयजल बदबूदार है।

 

कैंपस को ‘किला’ बना दिया गया

नोटिस में विश्वविद्यालय प्रबंधन पर मनमानी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि कैंपस को “एक किले” की तरह बंद रखा जाता है और प्रबंधन अपने मन के नियम चलाता है।अनुशासन के नाम पर आई-कार्ड जब्त करना, परीक्षा में बैठने से रोकना, प्रायोगिक परीक्षा में कम अंक देने या फेल करने की धमकी देना जैसी शिकायतें सामने आईं। भोजन व्यवस्था की शिकायतों पर भी सुनवाई नहीं होती और छात्रों से कहा जाता है, “जो बना है, वही खाना पड़ेगा।”

 

बीमारी छुपाने के आरोप

नोटिस में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय ने छात्रों में फैल रही पीलिया (जॉन्डिस) की बीमारी की जानकारी छुपाने की कोशिश की। हेल्थ सेंटर में कितने छात्रों को बीमारी हुई, इसका कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं मिला। न ही बीमारी फैलने पर कोई रोकथाम के कदम उठाए गए। हेल्थ सेंटर की सुविधाएं बेहद कम पाई गईं और क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत इसका पंजीयन भी नहीं मिला। हेजीन की हालत इतनी खराब थी कि मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट तक मौजूद नहीं पाया गया। पेयजल का जरूरी माइक्रोबायोलॉजिकल ऑडिट भी नहीं किया जा रहा था।

 

पारदर्शिता का अभाव

नोटिस में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की भारी कमी है। कई महत्वपूर्ण सूचनाएं छात्रों और अभिभावकों को लिखित रूप में नहीं दी जातीं, जिससे छात्र असमंजस में रहते हैं। समिति को ऐसे दो छात्र मिले जो सिर्फ आई-कार्ड के लिए कई दिनों से परेशान थे, लेकिन प्रबंधन उन्हें साफ-साफ ये भी नहीं बता पा रहा था कि कार्ड कब मिलेगा और कौन जारी करेगा।

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