US-South Korea Military Drill: ‘फ्रीडम शील्ड 26’ सैन्य अभ्यास शुरू, 18 हजार से ज्यादा सैनिक शामिल

अमेरिका-दक्षिण कोरिया का बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू ‘फ्रीडम शील्ड 26’ में हजारों सैनिक शामिल ड्रिल से उत्तर कोरिया की बढ़ सकती है नाराजगी

सियोल: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने सोमवार से एक बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इस अभ्यास को ‘फ्रीडम शील्ड 26’ नाम दिया गया है। यह ड्रिल 19 मार्च तक चलेगी। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के मुताबिक इस अभ्यास में करीब 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक हिस्सा ले रहे हैं, जबकि अमेरिकी सेना ने अपने सैनिकों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की है।

 

हर साल होता है यह सैन्य अभ्यास

‘फ्रीडम शील्ड’ अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाला वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। इसका मकसद दोनों देशों की रक्षा तैयारियों और तालमेल को मजबूत करना है। इस दौरान सेना जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर डोमेन से जुड़े अलग-अलग ऑपरेशंस का अभ्यास करती है। इस अभ्यास के साथ ‘वारियर शील्ड’ नाम की फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज भी होगी, जिसमें बड़े स्तर पर 22 लाइव ट्रेनिंग ड्रिल्स कराई जाएंगी। इनमें एयर असॉल्ट, वेट गैप क्रॉसिंग, मेडिकल इवैक्यूएशन और कई जटिल सैन्य अभ्यास शामिल हैं।

 

पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बीच ड्रिल

यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन में व्यस्त है। दक्षिण कोरियाई मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका अपने कुछ सैन्य संसाधन, जैसे पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और अन्य उपकरण, दक्षिण कोरिया से हटाकर मध्य पूर्व में तैनात कर सकता है। हालांकि यूएस फोर्सेज कोरिया (USFK) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का कहना है कि इन खबरों से दोनों देशों की संयुक्त रक्षा रणनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया की संभावना

इस सैन्य अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया की कड़ी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। प्योंगयांग लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को ‘हमले की तैयारी’ बताता रहा है। पिछले वर्षों में भी ऐसे अभ्यासों के बाद उत्तर कोरिया ने कई बार बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण या अन्य सैन्य गतिविधियां तेज की हैं। ऐसे में इस बार भी क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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