यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की सरगर्मी तेज, 6 नए मंत्रियों की एंट्री संभव

लखनऊ में BJP नेताओं की बैठक के बाद अटकलें तेज मंत्रिमंडल में 6 नए चेहरों को मिल सकता है मौका 2027 चुनाव से पहले सियासी संतुलन साधने की कोशिश

Up news: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। रविवार को बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी ऑब्जर्वर विनोद तावड़े लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ अहम बैठक की। इस मीटिंग के बाद सियासी हलकों में हलचल और बढ़ गई है। दरअसल, पिछले कुछ समय से लगातार इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि योगी आदित्यनाथ सरकार अपने मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है। 2022 में सरकार बनने के बाद मार्च 2024 में पहला विस्तार हुआ था, लेकिन अब लोकसभा चुनाव के बाद नई परिस्थितियां बन गई हैं। कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद और राज्यमंत्री अनूप प्रधान वाल्मीकि के सांसद बनने से कुछ पद खाली भी हुए हैं, जिन्हें भरने की तैयारी मानी जा रही है।

कितनी है गुंजाइश?

संवैधानिक नियमों के मुताबिक यूपी में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री और दो उप-मुख्यमंत्री समेत कुल 54 मंत्री ही हैं। इसमें 21 कैबिनेट, 14 स्वतंत्र प्रभार और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं। यानी अभी 6 पद खाली हैं, जिन्हें जल्द भरा जा सकता है।

Up news: क्रॉस वोटिंग का मिल सकता है इनाम

2024 के राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। माना जा रहा है कि इनमें से कुछ विधायकों को मंत्री पद देकर सियासी संदेश दिया जा सकता है। इससे पार्टी अंदरूनी समीकरण भी साधना चाहती है।

संगठन में भी हो सकते हैं बदलाव

Up news: मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ बीजेपी संगठन में भी बदलाव की चर्चा है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी सरकार और संगठन दोनों स्तर पर संतुलन बैठाने में जुटी है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश नेतृत्व के बीच हुई बैठकों ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।

 

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