वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन पर सस्पेंस, नया राष्ट्रपति कौन होगा?
वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद नया राष्ट्रपति कौन बनेगा, इसे लेकर सस्पेंस ‘आयरन लेडी’ मारिया कोरिना मचाडो का नाम सबसे आगे, लेकिन संविधान बन सकता है बाधा यूरोपीय यूनियन ने मादुरो की वैधता पर उठाए सवाल, अंतरराष्ट्रीय दबाव तेज

Donald trump: वेनेजुएला को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में जबरदस्त हलचल मची हुई है। देश के नए राष्ट्रपति को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कट्टर समर्थकों का आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काराकास में अपनी पसंद की सरकार बैठाना चाहते हैं। इसी साजिश के तहत वेनेजुएला पर हमला कराकर निर्दोष नागरिकों की जान गई। समर्थकों का दावा है कि अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स ने वेनेजुएला में घुसकर महज़ आधे घंटे के भीतर तख्तापलट कर दिया और वामपंथी राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ हिरासत में लेकर देश से बाहर ले गई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वेनेजुएला की सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।
‘आयरन लेडी’ मारिया कोरिना मचाडो सबसे आगे
राष्ट्रपति पद की रेस में सबसे आगे जिस नाम की चर्चा है, वह है वेनेजुएला की ‘आयरन लेडी’ कही जाने वाली मारिया कोरिना मचाडो। जनता के अधिकारों और लोकतंत्र की मुखर आवाज़ मानी जाने वाली मचाडो ने हमले के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि वह देश की सत्ता संभालने के लिए तैयार हैं। हालांकि, सिर्फ इच्छा जताने से राष्ट्रपति बनना संभव नहीं होता। आपात हालात में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया क्या होगी, इसे लेकर वेनेजुएला का संविधान और कानून बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।
देश से बाहर हैं मचाडो, जल्द वापसी के संकेत
फिलहाल मारिया कोरिना मचाडो वेनेजुएला से बाहर हैं। उनके प्रवक्ता के मुताबिक, वह पिछले हफ्ते नाव के ज़रिए देश छोड़ने में कामयाब रहीं। इसके बाद वह कैरेबियन द्वीप कुराकाओ पहुंचीं, जहां से अमेरिका होते हुए नॉर्वे गईं। मचाडो पहले भी कह चुकी हैं कि उनका लक्ष्य निकोलस मादुरो से सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित करना है।
संविधान क्या कहता है राष्ट्रपति के चयन पर?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर राष्ट्रपति की मृत्यु हो जाती है या कोई अन्य आपात स्थिति बनती है, तो वेनेजुएला के संविधान के तहत उप-राष्ट्रपति को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया जाता है। अगले चुनाव तक वही देश की कमान संभालता है। ऐसे में नियमों के मुताबिक, मारिया कोरिना मचाडो चाहे जितनी भी इच्छुक हों, सीधे राष्ट्रपति पद संभालना आसान नहीं होगा। सत्ता की जिम्मेदारी पहले उप-राष्ट्रपति को दी जा सकती है।
मादुरो की सबसे बड़ी विरोधी रही हैं मचाडो
मारिया कोरिना मचाडो लंबे समय से निकोलस मादुरो की धुर विरोधी रही हैं। मादुरो सरकार ने उन्हें चुनाव लड़ने से भी रोक दिया था। वह डोनाल्ड ट्रंप की समर्थक मानी जाती हैं और पिछले साल उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। मचाडो दक्षिणपंथी पार्टी वेंटे वेनेजुएला की संस्थापक हैं। उनकी पहचान एक निडर और बेबाक नेता की है। जहां जुआन गुआइदो और लियोपोल्डो लोपेज जैसे विपक्षी नेता या तो जेल गए या देश छोड़ने को मजबूर हुए, वहीं मचाडो ने वेनेजुएला में रहकर मादुरो को खुलेआम भ्रष्ट बताते हुए सीधी चुनौती दी।
यूरोपीय संघ का सख्त रुख
यूरोपीय यूनियन की फॉरेन पॉलिसी चीफ काजा कलास ने कहा है कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और काराकास में यूरोपीय संघ के राजदूत से बातचीत की है। उनका कहना है कि सभी इस बात पर सहमत हैं कि निकोलस मादुरो के पास अब वैधता नहीं बची है और उन्होंने वेनेजुएला में शांतिपूर्ण बदलाव की राह रोकी। काजा कलास ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान किए जाने की भी अपील की है।



