टेक सेक्टर में नौकरियों पर दबाव, 2026 की शुरुआत बनी कर्मचारियों के लिए मुश्किल दौर

टेक सेक्टर में नौकरियों पर संकट लगातार गहराता जा रहा है। AI और लागत कटौती के चलते कंपनियां बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही हैं। हजारों कर्मचारियों की नौकरी पर सीधा असर देखने को मिल रहा है।a

Technology: टेक इंडस्ट्री इन दिनों एक बड़े बदलाव से गुजर रही है। 2026 की शुरुआत ने आईटी और टेक सेक्टर में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई बड़ी कंपनियों में लगातार छंटनी की खबरें सामने आ रही हैं और नौकरी की स्थिरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में दुनिया भर की टेक कंपनियां अपने खर्चों को कम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ज्यादा फोकस करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। इसी बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों पर देखने को मिल रहा है।

तीन महीने में हजारों लोगों की नौकरी पर असर

जनवरी से मार्च 2026 के बीच करीब 95 कंपनियों ने मिलकर 73,000 से ज्यादा कर्मचारियों को प्रभावित करने वाली छंटनी की है। इसमें कई नामी टेक और मीडिया कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने संगठन को फिर से व्यवस्थित करना शुरू कर दिया है।

Technology: बड़ी कंपनियों में कटौती की तस्वीर

स्नैप (Snap Inc): स्नैप अपने कुल स्टाफ में करीब 16% की कटौती करने की योजना पर काम कर रहा है। इसका मतलब लगभग 1,000 लोगों की नौकरी पर असर पड़ सकता है। कंपनी का कहना है कि यह कदम लंबे समय में खर्च कम करने और स्थिरता लाने के लिए जरूरी है। मेटा (Meta Platforms): मेटा ने भी अपने कैलिफोर्निया ऑफिस में करीब 198 पद कम किए हैं। इससे पहले भी कंपनी जनवरी में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर कर चुकी है, जिससे साफ है कि अंदरूनी स्तर पर बड़ा बदलाव चल रहा है। डिज्नी (The Walt Disney Company): डिज्नी भी अपने स्ट्रक्चर को फिर से तैयार कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां करीब 1,000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी है। कंपनी अपने कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश में है। ओरेकल (Oracle Corporation): सबसे ज्यादा असर ओरेकल की संभावित छंटनी से देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि कंपनी 20,000 से 30,000 कर्मचारियों तक को प्रभावित कर सकती है। इसका असर भारत में भी गहराई से महसूस किया जा सकता है।

Technology: भारत में भी चिंता बढ़ी

ओरेकल की इस संभावित कटौती का असर भारत पर भी पड़ सकता है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां करीब 12,000 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। इनमें क्लाउड, सेल्स और हेल्थकेयर से जुड़े सेक्टर शामिल हैं। हालांकि कंपनी की ओर से प्रभावित कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पैकेज और इंश्योरेंस जैसी सहायता की बात कही गई है।

आखिर क्यों हो रही हैं इतनी छंटनियां?

Technology: विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे बड़ा कारण कोविड के बाद की ओवरहायरिंग है, जब कंपनियों ने जरूरत से ज्यादा भर्ती कर ली थी। अब वही कंपनियां अपने खर्चों को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल भी एक बड़ा कारण है। कई काम अब मशीनें और ऑटोमेशन कर रहे हैं, जिससे कुछ पारंपरिक नौकरियों की जरूरत कम होती जा रही है। यह दौर टेक इंडस्ट्री के लिए एक “ट्रांजिशन फेज” जैसा माना जा रहा है, जहां नौकरी का स्वरूप बदल रहा है और कंपनियां नए टेक्नोलॉजी मॉडल की तरफ तेजी से बढ़ रही हैं।

 

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