तमिलनाडु में थलपति विजय का जलवा, क्या एआईडीएमके में होने वाली है बड़ी टूट?
थलपति विजय की टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी, एआईडीएमके में बगावत के सुर तेज बहुमत के आंकड़े से मात्र 10 कदम दूर विजय, कांग्रेस और बागी विधायकों पर टिकी नजर सी वी षणमुगम के नेतृत्व में टूट की कगार पर एआईडीएमके, पलानीस्वामी की बढ़ी मुश्किलें

Tamilnadu politics: चेन्नई से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है जहां एआईडीएमके कैंप में भारी हलचल देखने को मिल रही है। आज होने वाली विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक को अचानक टाल दिया गया है। खबर है कि पार्टी के 47 विधायकों में से ज्यादातर अब थलपति विजय की नई पार्टी टीवीके को समर्थन देने की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं, पार्टी नेतृत्व को एक तरह से खुली चेतावनी दे दी गई है कि अगर समय रहते सही फैसला नहीं लिया गया तो 30 से ज्यादा विधायक पार्टी छोड़कर विजय के पाले में जा सकते हैं। इस पूरी बगावत की कमान वरिष्ठ नेता सी वी षणमुगम संभाल रहे हैं और माना जा रहा है कि बागी विधायक जल्द ही उनके आवास पर जुट सकते हैं।
विधानसभा चुनाव के चौंकाने वाले परिणाम
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद 4 मई को आए नतीजों ने सबको हैरान कर दिया है। अभिनेता विजय की नई पार्टी टीवीके ने राज्य की स्थापित पार्टियों को पछाड़ते हुए सबसे ज्यादा सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है। कुल सीटों के गणित पर नजर डालें तो टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं सत्ता में रही डीएमके को महज 59 सीटें मिली हैं और एआईडीएमके के खाते में 47 सीटें आई हैं। अन्य पार्टियों की बात करें तो कांग्रेस को 5 और पीएमके को 4 सीटों पर संतोष करना पड़ा है।
Tamilnadu politics: बहुमत का गणित और सरकार बनाने की चुनौती
राज्य की सत्ता पर काबिज होने के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े की जरूरत है, लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद टीवीके के पास फिलहाल 108 सीटें ही हैं। यानी सरकार बनाने के लिए उन्हें अभी 10 और विधायकों के समर्थन की दरकार है। वर्तमान स्थिति को देखें तो कांग्रेस अपने 5 विधायकों के साथ समर्थन देने को तैयार नजर आ रही है, लेकिन असली खेल एआईडीएमके के खेमे में चल रहा है।
विपक्ष में मची बड़ी खलबली
Tamilnadu politics: एआईडीएमके के भीतर इस समय भारी तनाव का माहौल है। एडप्पाडी पलानीस्वामी के लिए अपनी पार्टी को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। जिस तरह से विधायकों ने बगावती तेवर दिखाए हैं, उससे साफ है कि वे थलपति विजय की बढ़ती लोकप्रियता के साथ जाना चाहते हैं। अगर ये विधायक टूटकर टीवीके को समर्थन देते हैं, तो विजय न सिर्फ आसानी से सरकार बना लेंगे बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत भी हो जाएगी। फिलहाल पूरी राज्य की नजरें राजभवन और सी वी षणमुगम के घर पर टिकी हुई हैं।
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