तमिलनाडु में खत्म हुआ सियासी सस्पेंस, थलपति विजय के सिर सजेगा मुख्यमंत्री का ताज

तमिलनाडु में विजय युग का आगाज: थलपति ने जुटाया बहुमत, जल्द लेंगे सीएम पद की शपथ गठबंधन के सहारे सत्ता की कुर्सी तक पहुंचे विजय: स्टालिन ने दी नई सरकार को बधाई पांच दिनों के सियासी ड्रामे का हुआ अंत: वीसीके और कांग्रेस के समर्थन से बनी बात

Tamilnadu politics: तमिलनाडु की राजनीति में कई दिनों से चल रही उठापटक अब खत्म होती नजर आ रही है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके को आखिरकार सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत मिल गया है। शनिवार शाम वीसीके के समर्थन के बाद विजय के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन पहुंच गया है, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। अब विजय जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। जैसे ही बहुमत का आंकड़ा पूरा हुआ, टीवीके कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में जश्न मनाना शुरू कर दिया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी नई सरकार को शुभकामनाएं दी हैं।

इन पार्टियों के साथ ने बनाया बहुमत का समीकरण

2026 के विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी तमिलागा वेत्री कझगम सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए उन्हें सहयोगियों की जरूरत थी। अब टीवीके के 107 विधायकों के साथ कांग्रेस के 5, आईयूएमएल के 2, सीपीआई के 2, वीसीके के 2 और सीपीआई (एम) के 2 विधायकों का समर्थन मिलने से यह आंकड़ा 120 तक पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीते हैं, इसलिए तकनीकी रूप से उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिसके बाद उनकी पार्टी के पास 107 विधायक बचेंगे।

Tamilnadu politics: समर्थन जुटाने में आई कई चुनौतियां

चुनाव नतीजे आने के बाद सरकार बनाने का सफर विजय के लिए इतना आसान नहीं रहा। कांग्रेस का समर्थन लेने के बावजूद राज्यपाल के पास पहुंचना चुनौतीपूर्ण बन गया क्योंकि राज्यपाल ने गठबंधन में शामिल सभी दलों के औपचारिक समर्थन पत्र मांगे थे। बताया जा रहा है कि विजय तीन बार राज्यपाल से मिले, लेकिन संख्या बल का पुख्ता प्रमाण नहीं दे सके। अंततः चुनाव नतीजे आने के पांच दिन बाद सभी दलों के साथ आने से मामला सुलझ पाया और सरकार गठन की बाधाएं दूर हो गईं।

Tamilnadu politics: एमके स्टालिन ने जताई बेहतर भविष्य की उम्मीद

डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी पार्टी नई सरकार के गठन में कोई रुकावट पैदा नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विपक्ष की भूमिका निभाएंगे और राज्य में राजनीतिक स्थिरता चाहते हैं ताकि दोबारा चुनाव की नौबत न आए। स्टालिन ने उम्मीद जताई कि नई सरकार पिछली सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं को जारी रखेगी, जिससे महिलाओं, युवाओं और छात्रों का भला होता रहे।

आईयूएमएल का मिला बिना शर्त साथ

Tamilnadu politics: नई सरकार को स्थिरता देने के लिए आईयूएमएल ने भी बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि तमिलनाडु के विकास के लिए एक मजबूत और स्थिर सरकार का होना अनिवार्य है। इसी वजह से उन्होंने नई सरकार के साथ खड़े होने का फैसला किया है। अब सबकी नजरें शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां विजय औपचारिक रूप से राज्य की कमान संभालेंगे।

 

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