एक साल की सरकार पर सौरभ भारद्वाज के 12 तीखे सवाल, सीएम से मांगा जवाब
दिल्ली में एक साल, सवालों की भरमार। जनकपुरी से यमुना तक सरकार पर वार। जनता मांग रही है जवाब, कब होगी सुनवाई तैयार?

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को भाजपा सरकार की एक साल की विफलताओं पर सीएम रेखा गुप्ता से दर्जन भर तीखे सवाल पूछे हैं और उनका जवाब देने की मांग की है। उन्होंने पूछा कि जनकपुरी में सड़क में खोदे गए गड्ढे में गिरकर हुई बाइक सवार युवक की मौत पर सरकार के मंत्रियों ने झूठ क्यों बोला कि सुरक्षा के सारे इंतजाम थे, जबकि यह मौत सरकार की लापरवाही के चलते हुई। आखिर मंत्रियों और दिल्ली पुलिस ने क्राइम सीन के साथ छेड़छाड़ क्यों की? इसके अलावा उन्होंने सीएम से निजी स्कूलों में बढ़ी फीस वापसी, नकली यमुना, बेरोजगार बस मार्शलों समेत कई अन्य सवालों के जवाब देने की मांग की है।
नकली यमुना और प्रदूषण पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल हैं कि उनकी सरकार ने नकली यमुना क्यों बनाई? नकली यमुना के लिए फिल्टर्ड पानी की मेनलाइन को क्यों खोला गया? मेनलाइन को काटकर नकली यमुना में पानी लाने का आधिकारिक निर्देश किसने दिया? उन्होंने यह भी पूछा कि दिवाली की रात एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन बंद क्यों किए गए और वॉटर स्प्रिंकलर का इस्तेमाल कर असली एक्यूआई आंकड़ों के साथ हेरफेर क्यों की गई?
निजी स्कूल फीस और सांठ-गांठ का आरोप
उन्होंने पूछा कि कितने प्राइवेट स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस पेरेंट्स को वापस दी है? सरकार के वादे और कोर्ट के आदेश के बावजूद प्राइवेट स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है? मुख्यमंत्री और भरत अरोड़ा के बीच क्या सांठ-गांठ है? भरत अरोड़ा प्राइवेट स्कूल एक्शन कमेटी के चेयरमैन और भाजपा की एकेडमिक सेल के प्रमुख भी हैं, ऐसे में हितों के टकराव पर सरकार क्या जवाब देगी?
बस मार्शल, कृत्रिम बारिश और अस्पतालों का मुद्दा
सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार के विशेषज्ञों की राय थी कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश संभव नहीं है, तो इस पर पैसा क्यों खर्च किया गया? भाजपा के वादे के बावजूद 10 हजार बस मार्शलों की नौकरी अब तक बहाल क्यों नहीं की गई? हजारों करोड़ रुपये से बने सरकारी अस्पतालों का निजीकरण क्यों किया जा रहा है?
जनकपुरी ‘डेथ पिट’ मामले में जवाबदेही
उन्होंने पूछा कि सरकार के मंत्रियों और दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी ‘डेथ पिट’ के क्राइम सीन पर लीपापोती क्यों की? एक गरीब मजदूर को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन मुख्य ठेकेदार को क्यों नहीं पकड़ा गया? उन 6 पुलिस थानों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जिन्होंने पीड़ित परिवार की शिकायत दर्ज नहीं की? मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मिलने क्यों नहीं गईं? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की जनता इन सभी मुद्दों पर साफ और विस्तृत जवाब चाहती है और मुख्यमंत्री को इन सवालों का जवाब देना ही होगा।



