‘पैसे दो वरना फसल रिजेक्ट!’… मध्य प्रदेश के गुना में अन्नदाता के साथ सरेआम ‘डकैती’

समर्थन मूल्य पर बेचने पहुंचे किसानों से खुली लूट "पैसे दो वरना माल रिजेक्ट" – सर्वेयर पर गंभीर आरोप वीडियो वायरल, किसानों ने की FIR और कार्रवाई की मांग

Mp news: कहते हैं किसान देश की रीढ़ होता है, लेकिन गुना के खरीदी केंद्र पर जो हो रहा है उसे देखकर किसी का भी खून खौल जाएगा। यहाँ पसीने की कमाई लेकर आए किसानों से सरेआम रिश्वत मांगी जा रही है। मामला इतना बढ़ गया कि अब सर्वेयर का पैसे लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।

 कहाँ चल रहा है ये ‘वसूली का खेल’?

पूरा मामला पगारा सेवा सहकारी समिति (बिलोनिया वेयरहाउस) का है। यहाँ किसान अपनी मसूर की फसल लेकर समर्थन मूल्य पर बेचने आए थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यहाँ फसल की क्वालिटी से ज्यादा जेब की ‘गर्मी’ देखी जा रही है। बिना ‘सुविधा शुल्क’ (रिश्वत) के यहाँ एक दाना भी पास नहीं हो रहा।

Mp news: “6000 रुपये दो, तभी ट्रॉली अंदर जाएगी”

ग्राम पूनमखेड़ी के किसान सुरेंद्र धाकड़ ने इस सिस्टम की धज्जियाँ उड़ाते हुए बड़ा खुलासा किया है। आरोप है कि सर्वेयर वीरेंद्र यादव हर ट्रॉली के हिसाब से 2000 से लेकर 6000 रुपये तक की डिमांड कर रहा है। सीधा फंडा है: पैसे दोगे तो खराब माल भी ‘A-One’ है, और नहीं दोगे तो बेहतरीन फसल में भी सौ कमियां निकालकर उसे रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

Mp news: कैमरे में कैद हुई ‘रिश्वतखोरी’

सुरेंद्र धाकड़ ने सिर्फ आरोप नहीं लगाए, बल्कि सबूत भी जुटाया। वायरल वीडियो में सर्वेयर को पैसे लेते हुए साफ देखा जा सकता है। सुरेंद्र का कहना है कि उनकी 65 क्विंटल मसूर को पास करने के बदले 3000 रुपये वसूले गए। ये सिर्फ एक किसान की कहानी नहीं है, वहाँ कतार में खड़ा हर शख्स इसी लूट का शिकार हो रहा है।

 “साहब, अब तो कार्रवाई कर दो!”

किसान अब चुप बैठने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी साहब से गुहार लगाई है कि इस भ्रष्ट सर्वेयर पर तुरंत FIR दर्ज हो और उसे नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए।

News Nasha का टेक:

Mp news: चिलचिलाती धूप में फसल उगाकर मंडी पहुँचाने वाले किसान से रिश्वत लेना ‘पाप’ है। अगर सिस्टम के जिम्मेदार लोग ही भक्षक बन जाएंगे, तो किसान कहाँ जाएगा? गुना प्रशासन को इस पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए जो मिसाल बन जाए।

यह भी पढ़ें: मुंबई में ‘मराठी’ वाले नियम पर सरकार के कदम पीछे! अब 6 महीने की ‘मोहलत’, डंडा नहीं… ट्रेनिंग चलेगी

Related Articles

Back to top button