Mp news: मध्य प्रदेश बजट 2026: बच्चों को मिलेगा फ्री दूध, सरकार लाई ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’

मध्य प्रदेश सरकार की ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत आठवीं तक के बच्चों को मिलेगा मुफ्त दूध 80 लाख छात्रों को टेट्रा पैक में मिलेगा पोषण, मिलावट की आशंका होगी खत्म बजट में 700 करोड़ का प्रावधान, साथ ही 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान

Mp news: मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार बुधवार (18 फरवरी) को रोलिंग बजट पेश किया गया, जिसमें साल 2029 तक के वित्तीय खर्च का अनुमान शामिल किया गया है। इस दौरान राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्कूली बच्चों के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए आठवीं तक के छात्रों को मुफ्त दूध देने का ऐलान किया। इस योजना को ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ नाम दिया गया है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराया जाएगा।

 

क्या है यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना?

मध्य प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है। इसके तहत आठवीं कक्षा तक के बच्चों को मुफ्त दूध दिया जाएगा, ताकि उन्हें प्रोटीन समेत जरूरी पोषक तत्व मिल सकें।सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि स्कूलों में उनकी उपस्थिति भी बढ़ेगी। योजना के पहले चरण में राज्य के करीब 80 लाख बच्चों को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसे आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू किए जाने की संभावना है।

 

टेट्रा पैक में ही क्यों मिलेगा दूध?

सरकार ने योजना में दूध को टेट्रा पैक में देने का फैसला किया है ताकि किसी भी तरह की मिलावट की आशंका को कम किया जा सके। इसके अलावा: बच्चों को अलग से गिलास लाने की जरूरत नहीं होगी, स्कूलों में बर्तन धोने का झंझट कम होगा, स्वच्छता बनाए रखने में आसानी होगी। यह दूध मिड-डे मील के साथ या अलग से दिया जा सकता है।

 

कितना खर्च करेगी सरकार?

राज्य सरकार ने इस योजना के लिए फिलहाल 700 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। वहीं आने वाले पांच वर्षों में इस पर करीब 6600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

 

15,000 शिक्षकों की भी होगी भर्ती

बजट में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का भी ऐलान किया गया है। इससे जहां युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं स्कूलों में खाली पद भरने से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

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