मोतीलाल नगर रीडेवलपमेंट में अदाणी की एंट्री, मुंबई में बनेगा 15 मिनट सिटी मॉडल
मोतीलाल नगर के 143 एकड़ में मेगा प्रोजेक्ट 800 से 1600 स्क्वायर फीट तक मिलेंगे नए घर 7 साल में बदलेगी पूरे इलाके की तस्वीर

Maharashtra news: मुंबई के गोरेगांव स्थित मोतीलाल नगर के लोगों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है, क्योंकि महाराष्ट्र गृहनिर्माण और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) ने इस पूरे इलाके के पुनर्विकास का मास्टर प्लान पेश कर दिया है। करीब 143 एकड़ में फैली यह परियोजना देश की सबसे बड़ी शहरी रीडेवलपमेंट योजनाओं में गिनी जा रही है, जिसमें अदाणी समूह निजी भागीदार के रूप में शामिल होगा, जबकि जमीन का स्वामित्व पूरी तरह MHADA के पास ही रहेगा।
क्या है पूरा प्लान?
इस परियोजना को कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (C&DA) मॉडल के तहत लागू किया जाएगा, जिसमें काम निजी कंपनी करेगी लेकिन पूरा नियंत्रण सरकारी एजेंसी के पास रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, मास्टर प्लान लगभग तैयार है और स्थानीय निवासियों के सुझावों के आधार पर इसमें कुछ बदलाव भी किए जा सकते हैं, ताकि लोगों की जरूरतों के हिसाब से इसे और बेहतर बनाया जा सके।
Maharashtra news: ‘15 मिनट सिटी’ का कॉन्सेप्ट
इस रीडेवलपमेंट की सबसे खास बात ‘15 मिनट सिटी’ का कॉन्सेप्ट है, जिसमें स्कूल, अस्पताल, बाजार और पार्क जैसी सभी जरूरी सुविधाएं 15 मिनट के अंदर उपलब्ध होंगी। परियोजना की गुणवत्ता और डिजाइन को बेहतर बनाने के लिए IIT बॉम्बे और VJTI जैसे संस्थानों की भी मदद ली जा रही है, ताकि यह इलाका आधुनिक और सुविधाजनक शहरी मॉडल के रूप में विकसित हो सके।
Maharashtra news: मिलेंगे बड़े और आधुनिक घर
योजना के तहत यहां पुराने भवनों की जगह आधुनिक मल्टी-स्टोरी इमारतें बनाई जाएंगी और पात्र निवासियों को बड़े और बेहतर घर दिए जाएंगे। करीब 3700 से ज्यादा परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा, जिनमें कई को 1600 वर्ग फुट तक के फ्लैट देने की योजना है, जो मुंबई जैसे शहर में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
क्यों जरूरी था ये रीडेवलपमेंट?
इस परियोजना की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि मोतीलाल नगर की ज्यादातर इमारतें 1960 के दशक की हैं और अब जर्जर हो चुकी हैं। यहां बुनियादी सुविधाएं भी पुराने मानकों की हैं, साथ ही अवैध निर्माण और जलभराव जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, जिन्हें इस रीडेवलपमेंट के जरिए खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
पुनर्वास और आधुनिक सुविधाएं
Maharashtra news: इस पूरी योजना में झुग्गीवासियों के पुनर्वास का भी ध्यान रखा गया है, जिसके तहत करीब 1600 लोगों को घर दिए जाएंगे। इसके साथ ही ग्रीन एरिया, सोलर एनर्जी, सीवेज ट्रीटमेंट और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब 7 साल या उससे ज्यादा समय लग सकता है और इसे मुंबई के शहरी विकास में एक ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
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