मध्यपूर्व संकट का असर भारत की LPG सप्लाई पर, FTL सिलेंडर बना बड़ा सहारा

FTL सिलेंडर की मांग बढ़ी, प्रवासी मजदूरों के लिए आसान विकल्प सरकार ने रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी प्रक्रिया को किया सरल LPG सप्लाई सामान्य, PNG कनेक्शन का तेजी से विस्तार जारी

Lpg shortage: मध्यपूर्व एशिया में पिछले 48 दिनों से चल रहे युद्ध और तनाव का असर अब भारत की LPG सप्लाई पर भी दिखने लगा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है और इसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से होकर आता है। इसी वजह से इस मार्ग में आई दिक्कतों का सीधा असर सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि एक LPG से भरा जहाज भी इसी क्षेत्र में फंसा हुआ है, जिससे आयात प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

FTL सिलेंडर की बढ़ती मांग

इस स्थिति के बीच देश में 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर एक अहम विकल्प के रूप में उभरकर सामने आए हैं। खासकर प्रवासी मजदूरों के बीच इनकी मांग तेजी से बढ़ी है क्योंकि यह छोटे और आसान उपयोग वाले सिलेंडर हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार 23 मार्च 2026 से अब तक करीब 15.5 लाख FTL सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जो इसकी बढ़ती उपयोगिता को दिखाता है।

Lpg shortage: रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी सुविधा

सरकार ने इस सिलेंडर को आम लोगों तक आसान बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी की प्रक्रिया भी सरल रखी है। जिन लोगों के पास कोई भी सरकारी पहचान पत्र है, वे नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके बाद वे 5 किलो का FTL सिलेंडर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं और चाहें तो ₹25 के डिलीवरी चार्ज पर इसे घर तक भी मंगवा सकते हैं।

Lpg shortage: सरकार का जागरूकता अभियान

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि इस योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 3 अप्रैल 2026 से अब तक तेल और गैस कंपनियों ने 5600 से ज्यादा शिविर लगाए हैं, जिनमें लोगों को FTL सिलेंडर की जानकारी दी गई और बिक्री भी की गई। अकेले इन शिविरों के जरिए हजारों सिलेंडर वितरित किए गए हैं। एक ही दिन में 500 से ज्यादा शिविर लगाकर 8453 सिलेंडर बेचे गए, जो इस योजना की तेज रफ्तार को दिखाता है।

LPG सप्लाई और PNG विस्तार

Lpg shortage: सरकार का कहना है कि देश में LPG की सप्लाई फिलहाल सामान्य बनी हुई है और घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग में भी बढ़ोतरी हुई है और DAC सिस्टम को मजबूत किया गया है ताकि डिलीवरी में पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा देश में PNG कनेक्शन का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। मार्च 2026 से अब तक लाखों नए कनेक्शन दिए गए हैं और लाखों लोग नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर चुके हैं। वहीं कुछ उपभोक्ता अपने LPG कनेक्शन को PNG में बदल भी रहे हैं। सरकार का दावा है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद घरेलू गैस आपूर्ति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है और व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है।

 

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