Jantar Mantar Rally: केजरीवाल का केंद्र पर तीखा वार, ‘बदलाव की गिनती शुरू’ का ऐलान
जंतर मंतर से केजरीवाल का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला मोदी-शाह पर साजिश और झूठे केस का आरोप रैली में बदलाव की राजनीति का ऐलान

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को जंतर मंतर पर आयोजित विशाल रैली में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ लोग मिलकर तानाशाही सोच को उखाड़ फेंकेंगे और अब बदलाव की गिनती शुरू हो चुकी है। केजरीवाल ने दावा किया कि अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज कर दिया है और वे “कट्टर ईमानदार” थे, हैं और रहेंगे। रैली में दिल्ली, पंजाब, गुजरात और गोवा समेत कई राज्यों से आए कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की।
मोदी-शाह पर साजिश और झूठे केस का आरोप
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री Amit Shah पर आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में उन्हें और उनकी पार्टी को खत्म करने की साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले समेत कई मामलों में उन्हें फंसाने की कोशिश की गई, लेकिन अदालत में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह फैसला भाजपा के लिए बड़ा झटका है।
देश, ईमानदारी और 12 साल का हिसाब
अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने आईआईटी से पढ़ाई के बाद विदेश जाने का मौका ठुकराकर देश में रहकर सेवा करने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के तौर पर 10 साल के कार्यकाल में उनके खिलाफ कई जांच हुईं, लेकिन एक रुपये का भ्रष्टाचार साबित नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 में बड़े वादों के साथ बनी सरकार 12 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं सड़क, पानी, बिजली, प्रदूषण और रोजगार के मोर्चे पर विफल रही है।
पेपर लीक, भ्रष्टाचार और बुनियादी ढांचे पर सवाल
केजरीवाल ने देशभर में हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि युवाओं का भविष्य दांव पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई नहीं होती, जबकि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जाता है। साथ ही सड़कों, पुलों, प्रदूषण और सफाई व्यवस्था को लेकर भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
दिल्ली मॉडल और सत्ता की राजनीति
केजरीवाल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में स्कूल, अस्पताल, बिजली और पानी की व्यवस्था सुधारकर लोगों को उम्मीद दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने कई कर्मचारियों को हटाया और वादे पूरे नहीं किए। अपने भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का ध्यान केवल सत्ता पर है, जबकि उनकी पार्टी जनता के लिए काम करती रहेगी।



