जम्मू में अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का डंडा, 15 से ज्यादा ढांचों को जमींदोज किया गया
जम्मू में अवैध निर्माणों पर चला जेडीए का बुलडोजर, 15 से अधिक ढांचों को किया गया जमींदोज। रिंग रोड कॉरिडोर पर हुई इस बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप, नियमों के खिलाफ बने थे सभी ढांचे। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों पर लगाए मिलीभगत के आरोप, प्रशासन बोला जारी रहेगा अतिक्रमण विरोधी अभियान।

J/k news: जम्मू में अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर प्रशासन का सख्त रूप देखने को मिला है। जम्मू विकास प्राधिकरण यानी जेडीए ने सोमवार को शहर के बाहरी हिस्सों में एक बड़ा अभियान चलाते हुए 15 से ज्यादा अवैध ढांचों को बुलडोजर से गिरा दिया। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
रिंग रोड कॉरिडोर पर बड़ी कार्रवाई
प्रशासन का यह बुलडोजर अभियान मुख्य रूप से रिंग रोड कॉरिडोर और उसके आसपास के इलाकों में चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने बिना किसी मंजूरी के निर्माण कार्य किया था, उन्हें पहले ही नोटिस थमा दिए गए थे। पर्याप्त समय देने के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाए गए, तब जाकर यह कड़ा कदम उठाया गया।
J/k news: नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
जेडीए के प्रवक्ता ने इस मामले पर स्पष्ट किया कि ये सभी निर्माण सरकारी नक्शे और भूमि नियमों के खिलाफ जाकर किए गए थे। जांच में यह बात भी निकलकर सामने आई कि इनमें से कई ढांचे आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज़ से भी खतरनाक हो चुके थे। इसी कारण प्रशासन ने इन्हें गिराना ही सही समझा।
J/k news: प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस अतिक्रमण रोधी अभियान को अंजाम देने के लिए जेडीए की टीम के साथ भारी पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
निवासियों ने लगाए गंभीर आरोप
जेडीए की इस कार्रवाई के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों पर ही सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि पिछले दो सालों के दौरान कथित तौर पर मिलीभगत कर इन अवैध निर्माणों को होने दिया गया और अब अचानक इन्हें गिराया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
16,000 कनाल जमीन पर अतिक्रमण
J/k news: बता दें कि कुछ समय पहले उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में यह जानकारी दी थी कि जेडीए की करीब 16,000 कनाल से ज्यादा जमीन पर अतिक्रमण हो चुका है। इसी के मद्देनजर इस ताजा कार्रवाई को बड़े स्तर पर चल रहे अतिक्रमण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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