लद्दाख में ‘खेला’ हो गया! LG का वो फैसला जिससे बदल जाएगी पूरी तस्वीर

LG ने बताया ऐतिहासिक फैसला दूरदराज इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा विकास और रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

Ladakh news: लद्दाख से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर आ रही है! अगर आप सोच रहे थे कि पहाड़ों की वादियों में सिर्फ ठंड बढ़ रही है, तो ठहरिए… वहां तो सियासी और प्रशासनिक पारे ने सबको चौंका दिया है। उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने एक झटके में 5 नए जिलों की फाइल पर मुहर लगा दी है। अब लद्दाख सिर्फ दो जिलों (लेह और कारगिल) का मोहताज नहीं रहेगा, बल्कि इसकी ताकत 7 जिलों की हो गई है।

कौन से हैं वो 5 नए ‘पावर सेंटर’?

लंबे समय से लोग सड़कों पर थे, मांग कर रहे थे और आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा (या यूं कहें कि दिल जीत लिया)। अब ये नाम रट लीजिए, क्योंकि अब यहीं से लद्दाख की नई इबारत लिखी जाएगी: 1. नुब्रा, 2. शाम, 3. चांगथांग, 4. जांस्कर, 5. द्रास (जी हां, वही ऐतिहासिक द्रास!)।

Ladakh news: LG बोले- “ये तो सिर्फ ट्रेलर है!”

वीके सक्सेना ने ‘X’ पर पोस्ट डालते ही खलबली मचा दी। उन्होंने इसे ‘ऐतिहासिक दिन’ बताया है। उनका कहना है कि ये मोदी सरकार का वो विजन है जहां आखिरी कतार में खड़े इंसान को भी अहसास हो कि सरकार उसके पास है।

News Nasha की बात: असल में ये फैसला उन लोगों के लिए संजीवनी है जिन्हें एक छोटे से सरकारी काम के लिए मीलों का सफर तय करना पड़ता था। अब साहेब खुद चलकर जनता के पास आएंगे!

 क्या वाकई बदल जाएगी लद्दाख की किस्मत?

Ladakh news: सिर्फ नाम बदलने से क्या होगा? सरकार का दावा है कि: नौकरियों की बौछार: नए जिले मतलब नए ऑफिस, नई भर्तियां और युवाओं के लिए नए मौके। दूरी होगी खत्म: अब द्रास या जांस्कर वालों को फाइल लेकर लेह-कारगिल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पहाड़ का पैसा पहाड़ में: बजट अब सीधा इन इलाकों के विकास पर खर्च होगा। बॉटम लाइन: ये फैसला सिर्फ प्रशासनिक नहीं है, ये लद्दाख के उन दुर्गम इलाकों की जीत है जो बरसों से अपनी पहचान की लड़ाई लड़ रहे थे। अब देखना ये है कि जमीनी स्तर पर ये ‘नए जिले’ कितनी जल्दी काम शुरू करते हैं।

 

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