होर्मुज स्ट्रेट में फिर भड़की टेंशन! ईरान की फायरिंग, भारत आ रहे जहाज समेत 2 को बनाया बंधक

अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद भी हालात काबू में नहीं हैं। सीजफायर के बावजूद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।

Iran crisis: अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद भी हालात काबू में नहीं हैं। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की गोलीबारी ने एक बार फिर वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है।

क्या है पूरा मामला?

बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ईरान के सुरक्षा बलों ने वहां से गुजर रहे तीन कंटेनर जहाजों पर हमला कर दिया। इन जहाजों में से एक भारत की ओर आ रहा था, जिससे भारत के लिए भी चिंता बढ़ गई है। जहाज-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ये तीनों जहाज फारसी खाड़ी से होते हुए होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहे थे। इस दौरान दो जहाजों ने अपनी लोकेशन और गंतव्य की जानकारी छिपा ली थी, जिससे शक और गहरा गया।

Iran crisis: भारत आ रहे जहाज पर भी हमला

VesselFinder के AIS डेटा के अनुसार, ‘एपामिनोंडास’ नाम का जहाज भारत की ओर आ रहा था। बताया जा रहा है कि सबसे पहले इसी जहाज को निशाना बनाया गया। UK Maritime Trade Operations के अनुसार, ईरान की IRGC की गनबोट ने ओमान से करीब 15 नॉटिकल मील दूर इस जहाज पर फायरिंग की, जिससे इसके कमांड सेंटर को भारी नुकसान पहुंचा।

Iran crisis: दो जहाजों को बनाया बंधक

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, जिन तीन जहाजों को निशाना बनाया गया उनमें, एपामिनोंडास (लाइबेरिया झंडा) MSC फ्रांसेस्का (पनामा झंडा), यूफोरिया शामिल हैं। इनमें से दो जहाजों को ईरान ने अपने कब्जे में ले लिया है, जिसमें भारत आ रहा जहाज भी शामिल बताया जा रहा है। हालांकि राहत की बात ये है कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

ईरान का दावा क्या है?

ईरान ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा है कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया या चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। हालांकि, कुछ समुद्री सूत्रों का कहना है कि कम-से-कम एक जहाज को पहले से अनुमति मिली हुई थी, जिससे मामले में और सवाल खड़े हो गए हैं।

पहले भी हो चुकी है फायरिंग

भारत के जलमार्ग मंत्रालय के एडिशनल सचिव मुकेश मंगल के मुताबिक, पिछले हफ्ते भी होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी हुई थी, जिसके बाद उन्हें लौटना पड़ा था। हालांकि भारतीय टैंकर ‘देश गरिमा’ 18 अप्रैल को सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है और जल्द मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।

क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री रास्तों में से एक है। यहां जरा सी भी हलचल का असर सीधे वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर पड़ता है।

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Iran crisis: सीजफायर के बावजूद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। अब भारत आ रहे जहाज को बंधक बनाए जाने से यह मामला और संवेदनशील हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

 

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