गुना की दहला देने वाली वारदात: तीन दरिंदों ने नाबालिग से किया गैंगरेप, पुलिस ने नहीं सुनी तो पीड़िता ने खाया जहर
घर में अकेला पाकर झांसे में ले गए आरोपी, जंगल में ले जाकर तीन युवकों ने किया नाबालिग का शिकार। बदहवास हालत में मेडिकल कॉलेज के बाहर फेंककर भागे दरिंदे, पुलिस की बेरुखी से आहत होकर उठाया आत्मघाती कदम। तीसरे दिन जागी बमोरी पुलिस, एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी टीमें।

Guna rape case: मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक ऐसी खबर आई है जो रूह कंपा देने वाली है। यहां के बमोरी थाना इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ तीन लड़कों ने न केवल हैवानियत की, बल्कि जब उसकी हालत बिगड़ी तो उसे शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के बाहर लावारिस छोड़कर भाग निकले। सबसे ज्यादा शर्मनाक बात यह रही कि जब परिवार वाले खून से लथपथ बेटी को लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय जांच का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया। लोक-लाज और पुलिस के इस ठंडे रवैये से टूटकर पीड़ित लड़की ने घर जाकर जहर खा लिया। फिलहाल वह अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।
मां के पास ले जाने का दिया था झांसा
पूरी घटना 25 अप्रैल की है। पीड़िता की मां पास के ही एक गांव में किसी कार्यक्रम में गई थी और लड़की घर पर अकेली थी। गांव के ही रामू नाम के युवक ने इसका फायदा उठाया और लड़की से झूठ बोला कि तुम्हारी मां ने तुम्हें बुलाया है। मासूम उसकी बातों में आ गई और बाइक पर बैठ गई। रास्ते में जब उसने सवाल किए तो आरोपी उसे डराकर जंगल की ओर ले गया, जहां उसके दो दोस्त विजय और अभिषेक पहले से मौजूद थे। इन तीनों ने मिलकर नाबालिग के साथ बारी-बारी से दरिंदगी की।
Guna rape case: मेडिकल कॉलेज के बाहर फेंककर हुए फरार
जब हैवानियत की वजह से लड़की की हालत नाजुक होने लगी, तो आरोपी डर गए। वे उसे इलाज के नाम पर शिवपुरी ले गए और मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर फेंककर रफूचक्कर हो गए। इधर घरवाले परेशान होकर बेटी को ढूंढ रहे थे। शुरू में आरोपी रामू मुकरता रहा, लेकिन बाद में उसने अपने एक रिश्तेदार को सब बता दिया। इसी तरह परिजनों को पता चला कि उनकी बेटी शिवपुरी में है। घरवाले उसे लेकर बमोरी थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनकी फरियाद को गंभीरता से नहीं लिया। इसी मानसिक और शारीरिक पीड़ा को लड़की सहन नहीं कर पाई और उसने जहरीला पदार्थ खा लिया।
पुलिस ने अब शुरू की कार्रवाई
Guna rape case: मामले ने जब तूल पकड़ा और लड़की की हालत बिगड़ गई, तब जाकर पुलिस की नींद टूटी। घटना के तीसरे दिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। बमोरी थाना प्रभारी के मुताबिक, एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के बयान लिए हैं। लड़की ने तीनों आरोपियों के नाम बताए हैं और पूरी आपबीती सुनाई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें भेज दी गई हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ, पूरा जिला इस बात से गुस्से में है कि पुलिस ने समय रहते एक्शन क्यों नहीं लिया। अगर पुलिस समय पर सुनवाई करती, तो शायद वह बच्ची आज मौत के करीब न होती।
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