व्हाइट हाउस में खूनी शनिवार: ट्रंप के सामने गोलियों की तड़तड़ाहट, मौत और जिंदगी के बीच बचे चंद सेकेंड

व्हाइट हाउस में चली ताबड़तोड़ गोलियां, मौत के मुंह से बाल-बाल बचे डोनाल्ड ट्रंप ईरान और अमेरिका के बीच छिड़े भीषण संग्राम ने लिया अब तक का सबसे खौफनाक मोड़ सीक्रेट सर्विस की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा, हमलावर के इरादों की जांच में जुटी एजेंसियां

Donald trump attack: अमेरिका और ईरान के बीच सुलगती जंग की चिंगारी अब सीधे व्हाइट हाउस की दहलीज तक पहुंच गई है। शनिवार की रात वॉशिंगटन के सबसे सुरक्षित गलियारे में जो कुछ हुआ, उसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। ईरान के साथ जारी भीषण तनाव के बीच, व्हाइट हाउस में एक ऐसी फिल्मी और खौफनाक वारदात हुई, जिसकी कल्पना शायद वहां तैनात सीक्रेट सर्विस ने भी नहीं की थी।

ताबड़तोड़ फायरिंग और ट्रंप की टेबल के नीचे छिपने की नौबत

व्हाइट हाउस में कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन की डिनर पार्टी चल रही थी। माहौल खुशगवार था, डोनाल्ड ट्रंप अपने खास अफसरों के साथ टेबल पर बैठकर चर्चा कर रहे थे। तभी अचानक सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की आवाज सुनाई दी। एक अनजान हमलावर, जिसकी आंखों में सिर्फ खून सवार था, सुरक्षा के तमाम घेरों को तोड़ते हुए गोली की स्पीड से अंदर दाखिल हुआ।चश्मदीदों की मानें तो हमलावर रास्ते में आने वाले हर सुरक्षाकर्मी पर अंधाधुंध गोलियां बरसा रहा था। वो सीधा उस बॉलरूम की तरफ बढ़ रहा था जहाँ ट्रंप मौजूद थे। हालात इतने बिगड़ गए कि सीक्रेट सर्विस के जवानों ने आनन-फानन में ट्रंप को सुरक्षा देने के लिए उन्हें टेबल के नीचे तक छुपाया। मौत और ट्रंप के बीच फासला सिर्फ चंद सेकेंड्स का रह गया था, लेकिन आखिरी वक्त पर जवानों ने हमलावर को दबोच लिया।

Donald trump attack: खामेनेई की मौत का बदला या कुछ और?

इस हमले ने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा कर दिया है कि क्या यह ईरान का बदला है? याद रहे कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को बम धमाके में उड़ा दिया था। उसके बाद से ही ईरान आगबबूला है और अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइलों की बारिश कर रहा है। 40 दिनों के भीषण युद्ध के बाद अभी सीजफायर चल रहा है, लेकिन इस हमले ने शक की सुई फिर से तेहरान की तरफ घुमा दी है। क्या यह हमलावर खामेनेई की मौत का हिसाब बराबर करने आया था? एफबीआई अब इसी थ्योरी पर काम कर रही है।

Donald trump attack:  राष्ट्रपति होना खतरों से खेलना है – ट्रंप का बेबाक अंदाज

इतने बड़े हमले के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि दुनिया बहुत हिंसक हो गई है, लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। राष्ट्रपति होना एक खतरनाक पेशा है और ये सब नौकरी का हिस्सा है। ट्रंप ने अपनी पत्नी मेलानिया की भी तारीफ की, जिन्होंने खतरे को फौरन भांप लिया था। उन्होंने उस घायल सुरक्षाकर्मी को भी सलाम किया जिसकी जान बुलेटप्रूफ वेस्ट ने बचाई। हालांकि ट्रंप ने खुद को शांत दिखाने की कोशिश की, लेकिन हकीकत यही है कि दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स के बेहद करीब तक मौत का पहुंच जाना अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा है।

खबर की मुख्य बातें:

Donald trump attack: 1. हमलावर हिरासत में: एफबीआई हमलावर से राज उगलवाने में जुटी है।  2. रद्द हुआ डिनर: घटना के बाद व्हाइट हाउस के सभी कार्यक्रमों को फिलहाल रोक दिया गया है।  3. सुरक्षा में चूक: क्या ये सुरक्षा में बड़ी सेंध है? जांच एजेंसियां जवाब ढूंढ रही हैं।

 

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