‘Gyanesh Kumar’ की DM बेटी ‘Medha Roopam’ का X अकाउंट इनएक्टिव, ट्रोलिंग का हुईं शिकार!

गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम ने बीते दिनों अपना आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट अस्थायी रूप से इनएक्टिव कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह कदम उन्होंने लगातार हो रही ट्रोलिंग और निजी हमलों से परेशान होकर उठाया। विवाद की जड़ उनके पिता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उठे आरोप हैं, जो फिलहाल वोटर लिस्ट के विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का विषय बन चुका है।
ट्रोलिंग और निजी हमलों से परेशान हुईं DM मेधा रूपम
सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर मेधा रूपम को लगातार निशाना बनाया जा रहा था। कई पोस्ट और टिप्पणियां उनके पिता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर किए जा रहे हमलों से जुड़ी थीं। इस निजी स्तर की ट्रोलिंग से तंग आकर उन्होंने अपना X अकाउंट अस्थायी रूप से इनएक्टिव करने का निर्णय लिया।
पिता पर आरोपों से जुड़ा है विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के मामलों को सही तरीके से नहीं निपटाया गया। इस विवाद के कारण पूरे देशभर में बहस छिड़ गई है और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच चुका है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा वोटर लिस्ट का बवाल
वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं और गलत तरीके से नाम जोड़े या हटाए जाने के मामले को लेकर कई याचिकाएँ दायर की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है। इसी विवाद के बीच DM मेधा रूपम पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सोशल मीडिया दबाव बढ़ता चला गया।
मौन साधकर हटीं सोशल मीडिया से
DM मेधा रूपम प्रशासनिक कार्यों में अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। लेकिन पिता के खिलाफ चल रहे विवाद ने उन्हें अनचाहे राजनीतिक हमलों का शिकार बना दिया। फिलहाल उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर ट्रोलिंग का जवाब मौन साधकर दिया है।
✅ यह खबर स्पष्ट करती है कि कैसे व्यक्तिगत स्तर पर हुए हमले और पारिवारिक विवाद प्रशासनिक अधिकारियों पर मानसिक दबाव डालते हैं। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे इस केस का असर आने वाले समय में न सिर्फ चुनाव आयोग की साख पर, बल्कि कई जिलाधिकारियों की कार्यशैली पर भी पड़ सकता है।



