कोचिंग सेंटरों का करोड़ों का खेल, जय भीम योजना में फर्जीवाड़ा कर हड़पे सरकारी पैसे

सरकारी स्कीम के नाम पर करोड़ों का खेल चल रहा था और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। एसीबी ने बताया कि इन आरोपियों को अपनी सफाई देने का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन वे कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर सके।

Delhi coaching fraud: सरकारी स्कीम के नाम पर करोड़ों का खेल चल रहा था और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। दिल्ली में कोचिंग संस्थानों के एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।

जय भीम योजना में करोड़ों की सेंध: 9 कोचिंग संचालक गिरफ्तार

राजधानी दिल्ली में एंटी करप्शन ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 नामी कोचिंग संस्थानों के मालिकों और डायरेक्टरों को अपनी गिरफ्त में लिया है। ये सभी संस्थान दिल्ली सरकार की मशहूर ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ से साल 2018-19 के दौरान जुड़े हुए थे। इस पूरे घोटाले का खुलासा तब हुआ जब एससी-एसटी विभाग ने साल 2025 में सरकारी फंड के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई। जांच आगे बढ़ी तो परत दर परत भ्रष्टाचार की ऐसी कहानी सामने आई जिसने सबको हैरान कर दिया।

Delhi coaching fraud: 37 करोड़ की हेराफेरी और फर्जी एडमिशन का जाल

एसीबी की जांच में सामने आया कि करीब 37.20 करोड़ रुपये की सरकारी राशि में भारी अनियमितताएं की गई हैं। नियम के मुताबिक, इस योजना के लिए संस्थानों को अलग बैंक खाते रखने थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कागजों पर एक ही छात्र का नाम कई अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में दर्ज दिखा दिया गया। जब अधिकारियों ने इन छात्रों से बात की, तो पता चला कि उन्होंने तो कभी उन संस्थानों का चेहरा तक नहीं देखा था। सीधा सा मतलब है कि छात्रों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी खजाने से पैसा निकाला जा रहा था।

Delhi coaching fraud: छात्रों का स्टाइपेंड भी डकार गए कोचिंग सेंटर

भ्रष्टाचार यहीं नहीं रुका, बल्कि छात्रों के हक पर भी डाका डाला गया। जांच में पता चला कि कई जरूरतमंद छात्रों को मिलने वाला स्टाइपेंड भी उन्हें नहीं दिया गया। कुछ संस्थानों ने तो हद ही कर दी और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए छात्रों को लोकल ट्यूशन सेंटरों में पढ़ने भेज दिया। जब मामला दर्ज हुआ और जांच की आंच उन तक पहुंची, तो पकड़े जाने के डर से आनन-फानन में कुछ संस्थानों ने छात्रों के खातों में पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश भी की।

कोर्ट का कड़ा रुख: आरोपी भेजे गए जेल

Delhi coaching fraud: एसीबी ने बताया कि इन आरोपियों को अपनी सफाई देने का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन वे कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर सके। आखिरकार 29 अप्रैल 2026 को इन 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। फिलहाल जांच एजेंसी की नजर अब उन आय और जाति प्रमाण पत्रों पर है जिनके आधार पर यह फर्जीवाड़ा किया गया। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या विभाग के कुछ अधिकारी भी इस खेल में शामिल थे।

 

 

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