मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर प्रस्तावित नई मस्जिद का निर्माण 11 फरवरी से, सियासी हलचल तेज
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर प्रस्तावित निर्माण को लेकर सियासी सरगर्मी तेज। हुमायूं कबीर ने 11 फरवरी 2026 से निर्माण शुरू करने का किया औपचारिक ऐलान। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल की राजनीति में बढ़ता ध्रुवीकरण।

West Bengal: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर प्रस्तावित नई मस्जिद के निर्माण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने मस्जिद निर्माण की तारीख का औपचारिक ऐलान कर दिया है। उनके मुताबिक, मस्जिद का निर्माण कार्य 11 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू किया जाएगा। मुर्शिदाबाद के बेलडांगा स्थित प्रस्तावित स्थल पर इसके लिए तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं।
निर्माण से पहले धार्मिक आयोजन
निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बुधवार सुबह करीब 10 बजे आधारशिला रखी जाएगी, जिसमें लगभग 1200 लोगों द्वारा सामूहिक रूप से कुरान पाठ किए जाने की संभावना है। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान पाठ से होगी और इसके समापन के बाद दोपहर में मस्जिद निर्माण का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस ऐलान के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
West Bengal: जुम्मे की नमाज में उमड़ी भारी भीड़
बेलडांगा स्थित उसी प्लॉट पर जुम्मे की पहली नमाज अदा की गई थी, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे। नमाज के बाद लोगों के लिए दावत का भी आयोजन किया गया था। करीब एक हजार लोगों के लिए भोजन तैयार किया गया, जबकि नमाज के लिए पहुंचने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।
West Bengal: छह दिसंबर को रखी गई थी आधारशिला
गौरतलब है कि 6 दिसंबर को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए गए हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद निर्माण की आधारशिला रखी थी। इस कदम के बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।
चुनाव से पहले गरमाया सियासी माहौल
West Bengal: आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा करता नजर आ रहा है। पहले से ही ध्रुवीकृत राजनीतिक माहौल में इस ऐलान के बाद सियासी सरगर्मी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।



