माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी के मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई घुसी जेल में, गटर भी खुलवाया

बागपत। पूर्वाचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच को सीबीआइ टीम ने जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक खुलवाकर घटनास्थल तथा गटर को देखा। हत्या के बाद इसी गटर से पिस्टल व कारतूस बरामद हुए थे। टीम ने स्टाफ से घटना के दौरान जेल में मौजूद बंदियों व कर्मचारियों की लिस्ट भी हासिल की। टीम ने फर्श पर खून के निशान के नमूने लिए।

बता दे कि गत नौ जुलाई को मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तत्कालीन जेलर यूपी सिंह ने पश्चिम के कुख्यात सुनील राठी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने हत्या की साजिश में पांच लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने इन पांचों को क्लीनचिट देते हुए सुनील राठी के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। इस कार्रवाई के खिलाफ सीमा सिंह की मांग पर हाईकोर्ट ने सीबीआइ जांच के आदेश दिए थे। बीती नौ मार्च को सीबीआई टीम ने जेल पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। सीबीआइ तब से अब तक दो बार जेल आई। बुधवार दोपहर टीम ने स्थानीय कोर्ट में केस से संबंधित कागजात लेने के लिए अर्जी डाली और शाम को फिर जेल में पहुंचकर उक्त बैरक से सुबूत एकत्रित किए। कोतवाली इंस्पेक्टर आरके शर्मा का कहना है कि सीबीआइ को जो मदद चाहिए,अधिकारियों के निर्देश पर दी जाएगी।

 

बागपत से विपिन सोलंकी कि रिपोर्ट

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