VIDEO: टिकट ना मिलने पर नाराज शांतनु यादव, बोले- राजनीति में हम झाल बजाने नहीं आए, मधेपुरा से विरासत आगे बढ़ाने का सपना अधूरा
मधेपुरा सीट से RJD के टिकट ना मिलने पर शांतनु यादव ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि राजनीति में हम झाल बजाने नहीं आए हैं। पिता की विरासत को आगे बढ़ाना था। अब समर्थकों के साथ रणनीति तय करेंगे और भविष्य में आगे की लड़ाई लड़ेंगे।

मधेपुरा: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई। मधेपुरा से RJD के निवर्तमान विधायक प्रो. चंद्रशेखर चौथी बार नामांकन पर्चा दाखिल कर चुके हैं। इसी बीच, शांतनु यादव ने टिकट नहीं मिलने पर फेसबुक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा, “राजनीति में हम झाल बजाने नहीं आए हैं। मेरा विरोध केवल आवाज उठाना नहीं, बल्कि अपने हक के लिए डटे रहने का सबूत है।”
राजनीति में हम झाल बजाने नहीं आए हैं मुझे भी अपने पिता का नाम और उनके विरासत को आगे बढ़ाना है।
मेरा विरोध सिर्फ आवाज उठाना नहीं, बल्कि जिंदा होने और अपने हक के लिए डटे रहने का सबूत है।#SharadYadav @abplive @aajtak @News18Bihar @news24tvchannel @ABPNews @TV9Bharatvarsh pic.twitter.com/Ig9yDDsXbo
— Shantanu Yadav (@shantanu_yadav1) October 18, 2025
पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का सपना
शांतनु ने बताया कि उनके पिता शरद यादव चाहते थे कि वह मधेपुरा से चुनाव लड़ें और विपक्ष को एकजुट करके नया बिहार बनाएं। पिता के निधन के बाद उन्होंने चुनाव की तैयारी शुरू की थी और विश्वास था कि RJD उन्हें टिकट देगा।
लालू यादव का राजनीतिक मार्गदर्शन
शांतनु ने कहा कि उनके पिता और लालू यादव का लंबा राजनीतिक संबंध रहा। उनके मार्गदर्शन पर उन्होंने विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की, हालांकि मन पूरी तरह चुनाव लड़ने का नहीं था। समर्थकों के आग्रह पर उन्होंने तैयारी पूरी की।
अंतिम समय में टिकट किसी और को
वीडियो में शांतनु ने कहा कि अंतिम समय में टिकट ना देकर किसी और को उम्मीदवार बना दिया गया। इससे उन्हें काफी निराशा हुई। उन्होंने समर्थकों से कहा कि अब वह बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे और अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे।
भविष्य की रणनीति
शांतनु यादव ने स्पष्ट किया कि वह अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रहेंगे। टिकट ना मिलने से उनका उद्देश्य खत्म नहीं हुआ। भविष्य में वह अपने समर्थकों के साथ मिलकर राजनीतिक कदम उठाने के लिए रणनीति बनाएंगे।



