अतीक अहमद के बेटे ने योगी से मांगी मदद, कहा – “बचा लीजिये..”, जेल ट्रांसफर के दौरान पुलिस ने किया कांड!

प्रयागराज/झांसी। माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अहमद बुधवार को नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अली ने दावा किया कि उसे फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा गया और लगातार परेशान किया जा रहा है। अली ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सीएम योगी से सुरक्षा की अपील की।
38 महीने बाद पहली बार मीडिया से बोला अली
अली अहमद 30 जुलाई 2022 से नैनी सेंट्रल जेल में बंद था। उसने प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर किया था और तब से लगातार जेल में रह रहा था। बुधवार को झांसी जेल में शिफ्ट किए जाने के बाद पहली बार उसने मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी। अली ने कहा– “मैं तो दिल्ली में लॉ कर रहा था, लेकिन फर्जी मुकदमे लगाकर जेल भेज दिया गया। अब तक मेरे ऊपर 8 नए मुकदमे डाल दिए गए हैं।”
रास्ते में नहीं मिला पानी, झांसी भेजे जाने पर जताई नाराजगी
अली ने आरोप लगाया कि प्रयागराज से झांसी शिफ्ट करने के दौरान उसे रास्ते में पानी तक नहीं दिया गया। उसने कहा कि बहुत छोटे से चैंबर में 5-6 लोगों को बैठाकर उसे करीब 420 किलोमीटर की यात्रा कराई गई। अली का कहना था कि उसे बिना वजह प्रयागराज से दूर भेजा गया है।
“जान को खतरा है, सीएम से अपील”
मीडिया से बातचीत के दौरान अली ने कहा कि उसकी जान को खतरा है और यह सिर्फ उसका अल्लाह जानता है कि वह सुरक्षित रहेगा या नहीं। उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की– “सरकार के नाम पर कुछ लोग मुझे परेशान कर रहे हैं, उनसे हमें बचा लीजिए। बेवजह सताया जा रहा है।”
नैनी जेल में कैश मिलने के बाद बढ़ी थी निगरानी
17 जून 2025 को नैनी सेंट्रल जेल में अली की बैरक से कैश बरामद हुआ था। हालांकि रकम कितनी थी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया। घटना के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डिप्टी जेलर कांति देवी और एक हेड वार्डर को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अली को हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट किया गया और उसकी निगरानी लखनऊ के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जाने लगी।
तन्हा बैरक में रहेगा अली
झांसी जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि अली को नियमों के तहत तन्हा बैरक में रखा जाएगा। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे पुलिस काफिले के साथ वह झांसी जेल पहुंचा। यहां भारी मीडिया उपस्थिति के बीच उसे अंदर ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि अली को हाई सिक्योरिटी में स्थानांतरित किया गया है।
उमेश पाल हत्याकांड में भी आरोपी है अली
अली अहमद का नाम प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में भी आया है। पुलिस का दावा है कि नैनी जेल में रहते हुए ही उसने अपने छोटे भाई असद और अन्य परिवारजनों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। 24 फरवरी 2023 को बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उसका बड़ा भाई उमर भी आरोपी है, जो लखनऊ जेल में बंद है। जबकि छोटा भाई असद एनकाउंटर में मारा गया और पिता अतीक व चाचा अशरफ की हत्या 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में कर दी गई थी।
नैनी जेल का माफिया कनेक्शन
नैनी सेंट्रल जेल कभी अतीक अहमद और अशरफ के लिए सबसे मुफीद जगह मानी जाती थी। यहां उन्होंने गैंग के लिए बैडमिंटन कोर्ट तक बनवाया था। जेल से ही अतीक अहमद फोन पर आदेश जारी करता था और चबूतरे पर बैठकर जनसुनवाई जैसी बैठकों का आयोजन करता था।



