फतेहपुर में खाकी को शर्मसार करने वाली वारदात: मंगेतर के सामने युवती से दरिंदगी, पुलिस सोती रही!
यूपी के फतेहपुर से एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाएगी और कानून व्यवस्था पर आपका गुस्सा फूट पड़ेगा। आखिर कब तक बेटियां ऐसे दरिंदों का शिकार होती रहेंगी? और उससे भी बड़ा सवाल आखिर थानों में बैठे अधिकारियों की संवेदनाएं क्यों मर जाती हैं?

Up crime: यूपी के फतेहपुर से एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाएगी और कानून व्यवस्था पर आपका गुस्सा फूट पड़ेगा। जहां एक लड़की अपने होने वाले पति (मंगेतर) के साथ सुनहरे भविष्य के सपने बुन रही थी, वहीं कुछ दरिंदों ने उन सपनों को सरेआम कुचल दिया। मामला सिर्फ रेप का नहीं, बल्कि पुलिस की उस संवेदनहीनता का भी है जो अक्सर अपराध को बढ़ावा देती है।
जंगल, दरिंदगी और वो खौफनाक मंजर
यह शर्मनाक वाकया फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र का है। एक युवती अपने मंगेतर के साथ कहीं जा रही थी, तभी रास्ते में तीन ‘इंसानी भेड़ियों’ ने उनका रास्ता रोक लिया। डरा-धमकाकर दोनों को जबरन जंगल की तरफ खींच ले गए। वहां मंगेतर को बंधक बनाकर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर दोनों को बेरहमी से पीटा भी गया।
Up crime: सिर्फ हवस नहीं, लूट और ब्लैकमेलिंग भी!
इन दरिंदों की हिम्मत देखिए उन्होंने न सिर्फ युवती की अस्मत लूटी, बल्कि घटना का अश्लील वीडियो भी बना लिया। दरिंदगी के बाद उन्होंने पीड़िता को धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर देंगे। इतना ही नहीं, जाते-जाते उन्होंने डरा-धमकाकर 2500 रुपये भी ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। यानी अपराध की हर हद पार कर दी गई।
Up crime: जब रक्षक ही बन गए भक्षक: पुलिस की लापरवाही
घटना के बाद टूटी हुई पीड़िता और उसका मंगेतर इंसाफ की उम्मीद में थाने पहुंचे। लेकिन खागा कोतवाली में उनकी बात सुनने के बजाय, पुलिस ने मामले को टरका दिया। जब थाने से दुत्कार मिली, तब जाकर मंगेतर ने हिम्मत जुटाई और सीधे SP कैंप कार्यालय कूच किया। वहां जब आला अफसरों को सच्चाई पता चली, तो महकमे में हड़कंप मच गया।
SP का हंटर: कोतवाल लाइन हाजिर, आरोपी पर इनाम
मामले की गंभीरता देखते हुए एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी (कोतवाल) को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। अब तक क्या हुआ? कुल 3 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज। 2 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। फरार तीसरे आरोपी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
न्यूज़ नशा का सवाल:
Up crime: आखिर कब तक बेटियां ऐसे दरिंदों का शिकार होती रहेंगी? और उससे भी बड़ा सवाल आखिर थानों में बैठे अधिकारियों की संवेदनाएं क्यों मर जाती हैं? अगर वक्त रहते पुलिस सुन लेती, तो शायद आरोपियों को भागने का मौका न मिलता। आपकी क्या राय है? क्या सिर्फ लाइन हाजिर करना काफी है या ऐसे लापरवाह पुलिसवालों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए? कमेंट में अपनी भड़ास निकालिए!
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