नोएडा में अब ‘इंडस्ट्री’ वाली पुलिस! हिंसा के बाद जागा प्रशासन, अब DCP (इंडस्ट्रीज) संभालेंगे कमान

नोएडा में इंडस्ट्रीज के लिए अलग पुलिस सिस्टम लागू DCP (इंडस्ट्रीज) के नेतृत्व में नई टीम तैनात श्रमिक आंदोलन के बाद प्रशासन सख्त, निगरानी तेज

 Noida news: नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन ने जो हिंसक रूप लिया, उसने लखनऊ तक हलचल पैदा कर दी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब इंडस्ट्रियल एरिया की सुरक्षा के लिए किसी साधारण चौकी के भरोसे नहीं रहना होगा, बल्कि एक पूरी की पूरी ‘इंडस्ट्री पुलिस सेल’ तैयार कर दी गई है। सबसे बड़ी बात ये है कि अब नोएडा में DCP (इंडस्ट्रीज) का एक नया पद बनाया गया है, जिनका काम ही होगा फैक्ट्रियों और मजदूरों के बीच के तालमेल को बिगड़ने से बचाना।

 कितनी तगड़ी होगी ये नई टीम?

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस नई व्यवस्था को हरी झंडी दे दी है। इस टीम का ढांचा कुछ ऐसा होगा: कमान: एक DCP, एक ACP और 3 अनुभवी इंस्पेक्टर्स। फौज: करीब 25 पुलिसकर्मियों की स्पेशल टीम। टारगेट: नोएडा की 15 हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां, 2 लाख कंपनियां और उनमें काम करने वाले 4 लाख श्रमिक। मकसद साफ है अगर कहीं भी चिंगारी उठे, तो उसे आग बनने से पहले ही बुझा दिया जाए।

 Noida news: अब ‘संवाद’ से सुलझेंगे मसले, डंडे से नहीं

पिछली हिंसा में जो कुछ हुआ, उसने सबक दिया है कि बातचीत की कमी ही बवाल की वजह बनती है। सीधा संपर्क: ये सेल सीधे श्रमिक संगठनों और कंपनी मालिकों से टच में रहेगी। शिकायतों का निपटारा: मजदूरों की सैलरी या अन्य शिकायतों के लिए अब उन्हें दर-दर नहीं भटकना होगा। पुलिस अब श्रम कानूनों का पालन भी सुनिश्चित कराएगी।

Noida news: क्यों पड़ी इसकी ज़रूरत? (फ्लैशबैक)

आपको याद होगा, नोएडा की सड़कों पर वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर जो प्रदर्शन शुरू हुआ था, उसने देखते ही देखते आगजनी और तोड़फोड़ का रूप ले लिया था। गाड़ियों में आग लगी, ऑफिसों के शीशे टूटे और पुलिस पर भी पथराव हुआ। जांच कमेटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ‘बाहरी तत्वों’ ने भोले-भाले मजदूरों को भड़काकर नोएडा की शांति भंग करने की कोशिश की थी। उसी ‘बाहरी दखल’ को रोकने के लिए अब ये स्पेशल पुलिस सेल ढाल का काम करेगी।

 क्या है अगला कदम?

ये व्यवस्था तत्काल प्रभाव से शुरू हो गई है। अगले 3 दिनों में इसका पूरा खाका डीजीपी मुख्यालय और गृह विभाग को भेज दिया जाएगा। जल्द ही इसकी SOP (काम करने का तरीका) भी जारी होगी ताकि कंपनियों और मजदूरों को पता हो कि मुसीबत के वक्त उन्हें कहाँ और कैसे मदद मिलेगी।

News Nasha का टेक:

 Noida news: नोएडा को यूपी का ‘ग्रोथ इंजन’ कहा जाता है। अगर यहाँ की फैक्ट्रियां बंद हुईं, तो हजारों घरों के चूल्हे ठंडे हो जाएंगे। पुलिस का ये फैसला सराहनीय है, बशर्ते ये सिर्फ ‘चेकिंग’ तक सीमित न रहे, बल्कि मजदूरों को उनका हक दिलाने और कंपनियों को सुरक्षा देने का असली जरिया बने।

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