कहीं टेंट गोदाम तो कहीं केमिकल फैक्ट्री, शनिवार को आग के तांडव से कांपा NCR!
दिल्ली-NCR में आग का 'ब्लैक सैटरडे': ज्योति नगर के टेंट गोदाम से गाजियाबाद की केमिकल फैक्ट्री तक मची तबाही! आसमान में धुएं का गुबार, दमकल की दर्जनों गाड़ियों ने पाया काबू; टल गया बड़ा जानी नुकसान। शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? रोहिणी और मजलिस पार्क में भी धधकी आग, जांच में जुटा प्रशासन।

Delhi fire: राजधानी दिल्ली और उससे सटा गाजियाबाद शनिवार को ‘अग्निकुंड’ में तब्दील नजर आए। एक के बाद एक आग की कई वारदातों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। ज्योति नगर से लेकर मजलिस पार्क और गाजियाबाद की केमिकल फैक्ट्री तक, हर तरफ सिर्फ धुआं और लपटें ही दिखाई दीं।
ज्योति नगर: 2 एकड़ का टेंट गोदाम खाक
पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर में दोपहर करीब 1 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक विशाल टेंट गोदाम में भीषण आग लग गई।
नुकसान: करीब 2 एकड़ में फैला गोदाम जलकर राख हो गया। एक्शन: आग इतनी भयानक थी कि दमकल की 23 गाड़ियों को मौके पर बुलाना पड़ा। गनीमत: लाखों का माल जल गया, लेकिन किसी की जान नहीं गई।
Delhi fire: गाजियाबाद: केमिकल फैक्ट्री बनी बम
दिल्ली से सटे गाजियाबाद के मसूरी इलाके में एक केमिकल फैक्ट्री में दोपहर 1:52 बजे भीषण आग लगी। यहाँ ऑक्सीजन टैंक फिलिंग और पेंट का काम होता था, जिससे धमाकों का डर बढ़ गया था। गाजियाबाद, हापुड़ और नोएडा से **10 गाड़ियां** मौके पर पहुंचीं और एक घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई गई।
Delhi fire: मजलिस पार्क और पंजाबी बाग
मजलिस पार्क के वन क्षेत्र (Forest Area) में शनिवार को आग ने विकराल रूप ले लिया। वहीं, इससे एक दिन पहले पंजाबी बाग की झुग्गियों में लगी आग ने भी काफी नुकसान पहुंचाया। दमकल की मुस्तैदी से आग को रिहायशी इमारतों तक फैलने से रोक लिया गया।
रोहिणी: 4 मंजिला इमारत में ‘शॉर्ट सर्किट’ का कहर
रोहिणी सेक्टर-24 में शुक्रवार रात एक चार मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया। रात करीब 9 बजे लगी इस आग ने पूरी बिल्डिंग को घेर लिया था। रेस्क्यू: अच्छी बात यह रही कि बिल्डिंग में मौजूद सभी लोग वक्त रहते सुरक्षित बाहर निकल आए। वजह: शुरुआती जांच में इसे शॉर्ट सर्किट या गैस पाइपलाइन फटने का नतीजा माना जा रहा है।
न्यूज़ नशा की राय:
Delhi fire: दिल्ली की तपिश के साथ-साथ आग की ये घटनाएं डराने वाली हैं। क्या ये सिर्फ हादसे हैं या फिर ‘फायर सेफ्टी’ के नियमों की अनदेखी का नतीजा? जांच होनी जरूरी है!
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