ईरान-अमेरिका सीजफायर: पाकिस्तान ले रहा श्रेय, लेकिन ट्रंप ने चीन को बताया असली खिलाड़ी
चीन बना सीजफायर का असली गेमचेंजर पाकिस्तान ले रहा क्रेडिट, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा होर्मुज खुलने से दुनिया को मिल सकती है राहत

Iran crisis: ईरान और अमेरिका के बीच आखिरकार 40 दिन की तनावपूर्ण स्थिति के बाद 2 हफ्तों के सीजफायर पर सहमति बन गई है। इस बीच पाकिस्तान खुद को इस समझौते का अहम मध्यस्थ बता रहा है, क्योंकि आगे की बातचीत इस्लामाबाद में होने वाली है। हालांकि, कहानी में बड़ा ट्विस्ट तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस सीजफायर का असली क्रेडिट चीन को दे दिया। ट्रंप ने कहा कि चीन ने ही ईरान पर दबाव बनाकर उसे बातचीत की मेज पर लाने में अहम भूमिका निभाई।रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने पर्दे के पीछे रहकर लगातार कोशिश की, जिससे आखिरकार ईरान इस अस्थायी युद्धविराम के लिए तैयार हुआ। इसी के तहत अब जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की भी तैयारी है, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है।
चीन की एंट्री ने बदला पूरा गेम
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में भी दावा किया गया है कि चीन ने इस पूरे घटनाक्रम में बैकडोर डिप्लोमेसी के जरिए दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने में बड़ी भूमिका निभाई। यही वजह है कि ट्रंप ने खुले तौर पर चीन की तारीफ की है।
पाकिस्तान का दावा- हमारी पहल से बनी बात
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif का कहना है कि उन्होंने लगातार दोनों देशों से बातचीत की। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्रंप समेत कई नेताओं को टैग करते हुए 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था। पाकिस्तान के मुताबिक, उसने अमेरिका से समयसीमा बढ़ाने और ईरान से सद्भावना के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की अपील की थी, जिसे दोनों पक्षों ने मान लिया। सीजफायर का श्रेय भले ही पाकिस्तान ले रहा हो, लेकिन अंदरखाने चीन की कूटनीति ने ही इस डील को संभव बनाया और यही बात अब खुद अमेरिका भी मान रहा है।



