Iran-US War: 24 घंटे में ईरान का पलटवार, अमेरिकी एयरपावर को भारी नुकसान

24 घंटे में ईरान का बड़ा पलटवार, अमेरिका को भारी नुकसान फाइटर जेट, ड्रोन और हेलीकॉप्टर बने निशाना ट्रंप के दावों के बीच बदलते दिखे युद्ध के हालात

Iran crisis: ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव में बीते 24 घंटे बेहद अहम और अमेरिका के लिए भारी साबित हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इस दौरान अमेरिका के कई एडवांस फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया है। इसमें F-15, A-10 अटैक जेट, ड्रोन और चिनूक जैसे हेलीकॉप्टर शामिल बताए जा रहे हैं। ईरान के इस आक्रामक जवाब के बाद अमेरिकी सेना में हलचल तेज हो गई है।

 

अमेरिका को बड़ा झटका

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने दो F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट को मार गिराया। इन जेट्स में दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से एक को बचा लिया गया है जबकि दूसरे की तलाश जारी है। इसके अलावा, रेस्क्यू मिशन पर गए एक हेलीकॉप्टर को भी ईरान ने निशाना बनाया।

 

A-10 और ड्रोन भी बने निशाना

ईरान ने अमेरिका के A-10 थंडरबोल्ट अटैक जेट को भी गिराने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि पायलट ने पर्सियन गल्फ में इजेक्ट कर अपनी जान बचाई। साथ ही, MQ-9 ड्रोन और कई अन्य ड्रोन को भी मार गिराने की बात कही गई है।

 

हेलीकॉप्टर पर बड़ा हमला

ईरानी हमले में अमेरिका के चिनूक हेलीकॉप्टर को कुवैत में गिराने का दावा किया गया है, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। इसके अलावा दो UH-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी हमले की चपेट में आए, जिन्हें काफी नुकसान हुआ।

 

F-35 पर भी दावा, लेकिन पुष्टि नहीं

ईरानी मीडिया और IRGC ने F-35 स्टील्थ फाइटर जेट गिराने का भी दावा किया है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। अमेरिका ने केवल F-15 और A-10 को नुकसान होने की बात मानी है।

 

ट्रंप के बयान के बाद बदला माहौल

यह सब उस समय हुआ जब एक दिन पहले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह खत्म कर दिया है। लेकिन ईरान के ताजा हमलों ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

20 साल बाद ऐसा हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य विमान को इस तरह मार गिराने की घटना बेहद दुर्लभ है और पिछले करीब 20 साल में ऐसा नहीं हुआ था। इससे साफ है कि ईरान अभी भी जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम है।

 

स्थिति बेहद तनावपूर्ण

फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका अपने सैनिक और पायलट की तलाश में जुटा है, जबकि ईरान लगातार अपने हमलों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह टकराव और गंभीर रूप ले सकता है।

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