“ईरान का इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल हमला, होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित ईरान के मेडिकल संस्थानों को नुकसान, स्वास्थ्य सेवाओं पर असर ट्रंप के दावे को ईरान ने नकारा, छिपी सैन्य सुविधाओं का खुलासा

Iran crisis: अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी मंशा साफ कर दी है। बृहस्पतिवार को ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले किए। ये हमले इस बात का संकेत हैं कि फिलहाल ईरान हमलों को रोकने वाला नहीं है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके थे कि ईरान का खतरा लगभग खत्म हो चुका है और जंग जल्दी खत्म हो जाएगी।

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की रणनीति सफल

जंग के दौरान होर्मुज जलडमरुमध्य पर ईरान की नाकेबंदी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इसके चलते पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। अमेरिका ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि चीन और ब्रिटेन सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं। ब्रिटेन 30 से अधिक देशों के साथ चर्चा करने वाला है और चीन सभी पक्षों के साथ बातचीत बनाए हुए है।

Iran crisis: ईरान में स्वास्थ्य सेवाओं को नुकसान

जंग में ईरान को भी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पाश्चर इंस्टीट्यूट, तोवाफोग-ए दारू फार्मास्यूटिकल रिसर्च सेंटर, गांधी अस्पताल और करमानशाह का फाराबी अस्पताल हमलों में प्रभावित हुए हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार अब तक 316 से अधिक अस्पताल और मेडिकल सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है या नष्ट हो गया है।

ट्रंप और ईरान का बयान

Iran crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना उनका काम नहीं है और उन्होंने दावा किया कि ईरान का खतरा अब खत्म हो चुका है। उन्होंने बताया कि ईरान की लीडरशिप, नेवी, एयरफोर्स और परमाणु क्षमताएं खत्म कर दी गई हैं। लेकिन ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा कि तेहरान के पास अभी भी कई छिपी हुई सैन्य सुविधाएं और हथियार मौजूद हैं, और जिन जगहों को निशाना बनाया गया उनका कोई खास महत्व नहीं है।

 

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