ईरान-इजरायल जंग और तेज, सऊदी के अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमला; 5 रिफ्यूलिंग विमान क्षतिग्रस्त
ईरान के मिसाइल हमले में सऊदी के अमेरिकी एयरबेस पर 5 रिफ्यूलिंग विमान क्षतिग्रस्त। जंग के बीच अमेरिका ने 2,500 मरीन सैनिक और युद्धपोत मध्य पूर्व भेजे। ट्रंप का दावा- ईरान जल्द करेगा सरेंडर, G7 नेताओं ने युद्ध खत्म करने की अपील की।

Iran crisis: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग लगातार और खतरनाक होती जा रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है कि सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एयरबेस पर ईरान के मिसाइल हमले में अमेरिकी वायुसेना के कई विमान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
सऊदी के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमला
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर तैनात अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग प्लेन ईरानी मिसाइल हमले में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालांकि इन विमानों को पूरी तरह नष्ट नहीं किया गया है और फिलहाल उनकी मरम्मत की जा रही है। राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मध्य पूर्व में बढ़ रही अमेरिकी सैन्य मौजूदगी
जंग शुरू होने के दो हफ्ते बाद अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ाने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूएसएस त्रिपोली युद्धपोत और उससे जुड़े मरीन सैनिक क्षेत्र की ओर रवाना हो गए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार करीब 2,500 अमेरिकी मरीन सैनिक तीन जहाजों के जरिए मध्य पूर्व पहुंचने वाले हैं।
तेहरान में रैली के बीच बड़ा धमाका
इस बीच ईरान की राजधानी तेहरान में भी तनाव बढ़ गया है। फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित एक बड़ी रैली के कुछ घंटों बाद शहर के फिरदौसी चौक पर जोरदार विस्फोट हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस धमाके से पूरा इलाका हिल गया, जहां हजारों लोग कुद्स दिवस रैली में शामिल हुए थे और इजरायल तथा अमेरिका के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
तेल अवीव में भी सुनाई दिए धमाके
वहीं इजरायल के वाणिज्यिक शहर तेल अवीव में भी कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई। बताया जा रहा है कि यह धमाके उस चेतावनी के बाद हुए जब इजरायली सेना ने कहा था कि ईरान की ओर से मिसाइलें दागी गई हैं।
ट्रंप का दावा- ईरान जल्द करेगा सरेंडर
इन सबके बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने जी-7 देशों के नेताओं के साथ डिजिटल बैठक में कहा कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के जरिए बड़ी सफलता मिली है। हालांकि जी-7 देशों के कई नेताओं ने ट्रंप से युद्ध को जल्द खत्म करने की अपील की है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका से कहा कि युद्ध को लंबा खींचने से वैश्विक हालात और बिगड़ सकते हैं।



