कांग्रेस का हमला: खामेनेई की ‘लक्षित हत्या’ को बताया UN चार्टर का उल्लंघन
खामेनेई की हत्या पर कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला ईरान ने 40 दिनों के सार्वजनिक शोक का किया ऐलान

कांग्रेस ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की कथित लक्षित हत्या की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ बताया है। साथ ही ईरान की जनता और दुनियाभर के शिया समुदाय के प्रति संवेदना जताई है। कांग्रेस ने अपने बयान में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा बातचीत के जरिए विवादों का शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर आधारित रही है। पार्टी ने कहा कि सभी देशों की संप्रभु समानता, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल न देना और शांति को बढ़ावा देना भारत की सभ्यतागत सोच का हिस्सा है।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया
कांग्रेस ने कहा कि पश्चिम एशिया में जो कुछ हो रहा है, वह ‘वसुधैव कुटुंबकम’, Mahatma Gandhi की अहिंसा की नीति और Jawaharlal Nehru की गुटनिरपेक्षता की सोच के खिलाफ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ताकत के बल पर सरकार बदलने की पुरानी नीति फिर से सामने आ रही है। कांग्रेस के मुताबिक, यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन है, जो किसी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग को रोकता है। साथ ही अनुच्छेद 2(7) का भी उल्लंघन है, जो किसी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से मना करता है। पार्टी ने कहा कि किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की लक्षित हत्या अंतरराष्ट्रीय नियमों की आत्मा पर हमला है।
40 दिनों का सार्वजनिक शोक
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी सरकारी मीडिया ने खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। ईरानी मीडिया के मुताबिक हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। ईरान ने सुप्रीम लीडर की मौत पर 40 दिनों के सार्वजनिक शोक का ऐलान किया है। अमेरिका ने इस सैन्य अभियान को ‘Operation Epic Fury’ और इजरायल ने ‘Operation Roaring Lion’ नाम दिया है। इन हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है।
ईरान की बदले की चेतावनी
खामेनेई ने 1989 में Ruhollah Khomeini के निधन के बाद सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। उनका कार्यकाल पश्चिमी प्रभाव के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाना जाता है। ईरान ने उनकी हत्या का बदला लेने की कसम खाते हुए ‘सबसे विनाशकारी हमले’ की चेतावनी दी है। ईरान का दावा है कि उसने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों वाले 27 ठिकानों और तेल अवीव को निशाना बनाया है। दुबई, दोहा, बहरीन और कुवैत समेत कई जगहों से भी हमलों की खबरें आई हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और दुनिया की नजर इस बढ़ते टकराव पर टिकी हुई है।



