जेएनयू में वीसी के बयान पर बवाल, प्रदर्शनकारियों ने मेन गेट का ताला तोड़ा

JNU में VC के बयान के बाद कैंपस में बढ़ा तनाव प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मेन गेट का ताला तोड़ा UGC 2026 इक्विटी रेगुलेशन को लेकर विवाद गहराया

Jnu news: नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में गुरुवार को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया जब लेफ्ट समर्थक छात्रों के एक बड़े समूह ने वीसी के बयान के विरोध में मार्च निकाला। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कैंपस के मुख्य द्वार पर रोक दिया, जिसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने जेएनयू के मेन गेट का ताला तोड़ दिया। इसके बाद कैंपस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। फिलहाल हालात पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

Jnu news: क्या है पूरा मामला?

पूरा विवाद 16 फरवरी को जारी हुए एक पॉडकास्ट से शुरू हुआ। इस पॉडकास्ट में JNU की कुलपति शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित ने UGC के ‘2026 इक्विटी (एंटी-डिस्क्रिमिनेशन) रेगुलेशन’ पर चर्चा की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस रेगुलेशन को “काफी गुप्त तरीके से” लाया गया और विश्वविद्यालयों को भी इसकी पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि “आप किसी एक समूह को शक्ति देकर दूसरे को न्याय से वंचित नहीं कर सकते।” अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि “दलित और अश्वेत लोग हमेशा ‘विक्टिम’ बनकर या ‘विक्टिम कार्ड’ खेलकर आगे नहीं बढ़ सकते। यह ड्रग्स से भी ज्यादा खतरनाक है। लगातार यह बताना कि सामने दुश्मन है और उस पर चिल्लाते रहना, यह वास्तविकता नहीं बल्कि एक काल्पनिक दुनिया बनाना है।”

छात्र संघ का विरोध

Jnu news: वीसी के इस बयान के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। छात्र संघ का कहना है कि कुलपति की टिप्पणियां उनकी “जातिवादी मानसिकता” को दर्शाती हैं। यूनियन का आरोप है कि इस तरह की बयानबाजी से विश्वविद्यालय जैसे सार्वजनिक संस्थानों में दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों के खिलाफ भेदभाव और असुरक्षा की भावना बढ़ती है।फिलहाल प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

 

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