राजस्थान: नागौर के स्कूल में खेलते-खेलते गिरी 9 साल की बच्ची, हार्ट अटैक से मौत
9 साल की मासूम की खेलते-खेलते मौत स्कूल परिसर में अचानक गिरी, डॉक्टरों ने बताया हार्ट अटैक चार महीने पहले भाई की भी हो चुकी है ऐसी ही मौत

Rajashthan news: राजस्थान के नागौर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गोटन कस्बे के एक स्कूल में 5वीं कक्षा की 9 वर्षीय छात्रा की कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और हैरानी का माहौल है।
क्या हुआ था उस दिन?
जानकारी के अनुसार, टालनपुर निवासी राजेंद्र की बेटी दिव्या 23 फरवरी की सुबह रोज की तरह करीब 7:48 बजे स्कूल पहुंची थी। प्रार्थना शुरू होने से पहले वह अन्य बच्चों के साथ स्कूल के मैदान में खेल रही थी। इसी दौरान अचानक वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिर पड़ी और बेहोश हो गई। स्कूल स्टाफ ने तुरंत स्थिति को समझते हुए परिजनों को सूचना दी और बच्ची को बिना देरी किए गोटन के राजकीय अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दिव्या को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक से मौत की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
चार महीने पहले भाई की भी हो चुकी है मौत
इस घटना को और भी दर्दनाक बना देती है यह बात कि करीब चार महीने पहले दिव्या के बड़े भाई की भी इसी तरह हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। एक ही परिवार में कम समय के भीतर दो बच्चों की मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सोनगरा के मुताबिक, हाल के समय में बच्चों में हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में आनुवांशिक कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके अलावा वायरल संक्रमण के बाद भी हृदय संबंधी जटिलताएं देखी जा रही हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि यदि बच्चों में बार-बार थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या अचानक बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।



