दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा, 8 संदिग्ध गिरफ्तार
दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़, 8 संदिग्ध गिरफ्तार बांग्लादेश से मिल रहे थे निर्देश, कई शहरों की हुई रेकी IED हमले की थी तैयारी, स्पेशल सेल को मिले अहम सबूत

Delhi news: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और बांग्लादेश स्थित चरमपंथी संगठनों के इशारे पर दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश रचने के आरोप में 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। मामले का खुलासा दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने किया। स्पेशल सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद सिंह कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह मॉड्यूल कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था और इसका हैंडलर बांग्लादेश से संचालन कर रहा था।
दिल्ली और कोलकाता में लगाए गए एंटी-नेशनल पोस्टर
पुलिस के मुताबिक, 7 फरवरी को दिल्ली में कई स्थानों पर एंटी-नेशनल पोस्टर लगाए गए थे। जांच के दौरान पोस्टर लगाने वालों के मूवमेंट को ट्रैक किया गया, जिसके बाद कोलकाता से दो संदिग्धों — उमर फारुख और रॉबिन उल इस्लाम (बांग्लादेशी नागरिक) — को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि 10 फरवरी को कोलकाता में भी इसी तरह के पोस्टर लगाए गए थे।
बांग्लादेश से मिल रहे थे निर्देश
स्पेशल सेल के अनुसार, इन दोनों को बांग्लादेश में बैठा शब्बीर अहमद निर्देश दे रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शब्बीर को वर्ष 2007 में गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से AK-47 बरामद हुई थी। 2019 में सजा पूरी करने के बाद वह कथित तौर पर बांग्लादेश भाग गया।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
जांच में पता चला कि आरोपी अलग-अलग राज्यों में सक्रिय थे। कोलकाता और तमिलनाडु में सेफ हाउस तैयार किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी गारमेंट फैक्ट्रियों में काम करते थे और वहीं से नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। उमर फारुख का संबंध पश्चिम बंगाल के मालदा से बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह बांग्लादेश जाकर शब्बीर से मिला भी था।
मोबाइल, सिम कार्ड और चैट्स बरामद
संदिग्धों के पास से दर्जनों मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई संदिग्ध चैट्स बरामद हुई हैं। जांच एजेंसियों को देश के कई शहरों की रेकी से जुड़े वीडियो भी मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि मॉड्यूल IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए हमले की साजिश रच रहा था। केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले की जांच में सहयोग कर रही हैं। मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।



