गाजा में इजरायली सेना की ताबड़तोड़ फायरिंग, 11 फिलिस्तीनियों की मौत
गाजा में संघर्ष विराम के बाद सबसे बड़ी इजरायली सैन्य कार्रवाई फायरिंग में 2 नाबालिग, 3 पत्रकार और एक महिला की मौत लेबनान में भी इजरायल के हवाई हमले, हालात फिर तनावपूर्ण

Israel attack news: इजरायल की सेना ने गाजा पट्टी में ताबड़तोड़ फायरिंग की है, जिसमें कम से कम 11 फिलिस्तीनियों की जान चली गई। मरने वालों में 13 साल के दो लड़के, तीन पत्रकार और एक महिला शामिल हैं। अक्टूबर में हमास और इजरायल के बीच संघर्ष विराम लागू होने के बाद यह गाजा में इजरायली सेना की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है। यह फायरिंग ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने और इसके दूसरे, चुनौतीपूर्ण चरण को लागू करने की कोशिश कर रहा है।
इजरायली सेना का बयान
इजरायली सेना ने कहा कि यह हमला उस समय किया गया जब उनके सैनिकों ने कुछ संदिग्ध लोगों को ड्रोन उड़ाते हुए देखा। सेना का दावा है कि यह ड्रोन सैनिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता था। वहीं, एक विस्थापन कैंप के अधिकारी के मुताबिक, इस गोलीबारी में तीन फिलिस्तीनी पत्रकार भी मारे गए, जो कैंप के पास शूटिंग कर रहे थे।
पत्रकारों के वाहन को बनाया गया निशाना
इजरायली हमले में उस वाहन को भी निशाना बनाया गया, जिसमें तीन फिलिस्तीनी पत्रकार सवार थे। ये पत्रकार मिस्र सरकार की समिति द्वारा स्थापित किए गए एक नए विस्थापन कैंप की डॉक्यूमेंट्री शूट कर रहे थे। समिति के प्रवक्ता मोहम्मद मंसूर ने बताया कि यह हमला गाजा के नेत्जारिम इलाके में हुआ, जो इजरायल के नियंत्रण वाले क्षेत्र से करीब 5 किलोमीटर दूर है।
13 साल के लड़के की मां का दर्द
अल-अक्सा मार्टियर्स अस्पताल के अनुसार, एक हमले में 13 साल के एक लड़के, उसके पिता और 22 साल के एक युवक की मौत हो गई। वहीं नासिर अस्पताल ने बताया कि पूर्वी गाजा के बानी सुहेला इलाके में सैनिकों की गोली से एक और 13 साल का लड़का मारा गया। लड़के की मां सफा अल-शराफी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उनका बेटा खाना पकाने के लिए जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गया था।
लेबनान में भी इजरायली हमले
गाजा के साथ-साथ इजरायल की वायु सेना ने दक्षिणी लेबनान के तीन गांवों में भी हमले किए। इजरायली सेना का कहना है कि ये ठिकाने हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे का हिस्सा थे, जहां हथियार भंडारण की सुविधाएं मौजूद थीं। एक साल पहले हुए संघर्ष विराम के बाद से लेबनान में ये हमले लगभग रोजाना हो रहे हैं।
संघर्ष विराम के बाद भी नहीं थमी मौतें
नासिर अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिणी गाजा के खान यूनिस के मुवासी इलाके में इजरायली गोलीबारी में एक फिलिस्तीनी महिला की भी मौत हुई है। इसके अलावा, एक अन्य हमले में तीन भाइयों की जान चली गई। अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार, संघर्ष विराम लागू होने के बाद से अब तक गाजा में 100 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें हाल ही में ठंड के कारण हाइपोथर्मिया से जान गंवाने वाले दो शिशु भी शामिल हैं।



