देशभर में बिक रही 167 दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट

CDSCO की जांच में दवाओं की गुणवत्ता पर उठे सवाल अलग-अलग राज्यों में नकली दवाओं के नमूने भी पकड़े गए हर महीने दवाओं की जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई

Medicine news: देशभर में बिक रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर चिंता सामने आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में जारी रिपोर्ट में बताया है कि जांच के दौरान कुल 167 दवाओं के नमूने मानक गुणवत्ता पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद इन्हें फेल कर दिया गया। हर महीने देशभर में बिकने वाली दवाओं की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है।

 

CDSCO की जांच में सामने आई गड़बड़ी

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने अलग-अलग कंपनियों की 74 दवाओं को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) पाया है। वहीं, राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 93 दवाओं के नमूनों को गुणवत्ता मानकों में फेल घोषित किया। इन सभी दवाओं की पूरी सूची CDSCO के आधिकारिक पोर्टल पर जारी कर दी गई है।

 

जांच में पकड़ी गईं नकली दवाएं

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दिसंबर महीने के दौरान गाजियाबाद से चार दवा नमूने, जबकि FDA अहमदाबाद, बिहार और महाराष्ट्र से एक-एक दवा नमूना नकली पाया गया। ये दवाएं बड़ी और जानी-मानी कंपनियों के ब्रांड नाम का गलत इस्तेमाल कर बाजार में बेची जा रही थीं। इस मामले में जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

 

हर महीने चलती है गुणवत्ता जांच

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, एनएसक्यू और नकली दवाओं की पहचान के लिए यह अभियान राज्य नियामकों के साथ मिलकर हर महीने नियमित रूप से चलाया जाता है। इसका उद्देश्य बाजार में बिक रही घटिया और नकली दवाओं को समय रहते पहचान कर हटाना और आम लोगों की सेहत को सुरक्षित रखना है।

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