अमेरिका ने जारी की लेवल 4 ट्रैवल एडवाइजरी, इन 21 देशों में यात्रा न करें

अफगानिस्तान, ईरान, रूस, उत्तर कोरिया, यूक्रेन, यमन और 15 अन्य देशों को डू नॉट ट्रैवल लिस्ट में रखा गया। अमेरिका क्यों जारी करता है ट्रैवल एडवाइजरी? सुरक्षा हालात, सशस्त्र संघर्ष और कांसुलर मदद की स्थिति के आधार पर किसी भी देश की रेटिंग बदल सकता है।

Donald Trump: अमेरिकी विदेश विभाग ने 8 जनवरी 2026 को अपने नागरिकों के लिए सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी के मुताबिक 21 देशों में अमेरिका के नागरिकों को किसी भी हाल में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यह एडवाइजरी अमेरिकी विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ कांसुलर अफेयर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऑफिशियल पोस्ट के जरिए साझा की है।

 

लेवल 4 ट्रैवल एडवाइजरी क्या होती है?

अमेरिकी विदेश विभाग दुनिया के सभी देशों के लिए चार स्तरों की ट्रैवल एडवाइजरी जारी करता है: लेवल 1: सामान्य सावधानी रखें। लेवल 2: अतिरिक्त सतर्कता रखें। लेवल 3: यात्रा करने से पहले दोबारा सोचें। लेवल 4: बिल्कुल यात्रा न करें।लेवल 4 तब जारी किया जाता है जब किसी देश में सुरक्षा हालात बेहद खतरनाक हों, जैसे सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता, अपहरण या हिंसा। इसके अलावा, ऐसी जगह अमेरिकी नागरिकों तक मदद पहुंचाना भी मुश्किल होता है।

 

कौन से 21 देश शामिल हैं?

अमेरिकी विदेश विभाग ने जिन देशों को “डू नॉट ट्रैवल” लिस्ट में रखा है, उनमें शामिल हैं: अफगानिस्तान, बेलारूस, बुर्किना फासो, म्यांमार, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, हैती, ईरान, इराक, लेबनान, लीबिया, माली, नाइजर, उत्तर कोरिया, रूस, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया, यूक्रेन, वेनेजुएला और यमन। विदेश विभाग का कहना है कि इन देशों में हालात इतने गंभीर हैं कि वहां अमेरिकी नागरिकों के लिए जाना सुरक्षित नहीं है।

 

क्या अमेरिका किसी भी देश को इस लिस्ट में डाल सकता है?

हाँ। अमेरिकी कानून के तहत विदेश विभाग किसी भी देश की ट्रैवल रेटिंग बदल सकता है। अगर हालात बिगड़ते हैं तो देश को लेवल 4 में रखा जा सकता है, और स्थिति सुधरने पर उसे हटा भी दिया जाता है। इस लिस्ट में भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है, यानी अमेरिका ने इन दोनों देशों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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