इंदौर में गंदा पानी बना बीमारी की वजह, 1500 से ज्यादा लोग बीमार
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में गंदे पानी से स्वास्थ्य संकट बोरिंग के पानी में फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया की पुष्टि 1500 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त से बीमार, प्रशासन अलर्ट

Bhagirathpura: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में गंदे पानी की वजह से लोगों की सेहत पर बड़ा असर पड़ रहा है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। अब तक करीब 1500 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। जांच में सामने आया है कि नर्मदा जल सप्लाई के बाद अब इलाके में इस्तेमाल हो रहा बोरिंग का पानी भी दूषित हो चुका है। नगर निगम की जांच में बोरिंग के पानी में फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो सीधे आंतों को नुकसान पहुंचाकर इंसान को बीमार कर सकते हैं।
क्या होता है फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया?
मेट्रो अस्पताल, फरीदाबाद के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. विशाल खुराना के मुताबिक, फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया ऐसे सूक्ष्म जीव होते हैं जो इंसानों और जानवरों की आंतों में पाए जाते हैं। अगर ये बैक्टीरिया पीने के पानी या खाने में मिल जाएं, तो इसका मतलब होता है कि वहां मल से प्रदूषण (Fecal Contamination) हो चुका है। पीने के पानी में इनकी मौजूदगी सेहत के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है।
फीकल कोलिफार्म से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?
हालांकि फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया खुद हमेशा बीमारी नहीं फैलाते, लेकिन इनके साथ कई खतरनाक कीटाणु भी मौजूद हो सकते हैं, जैसे: ई. कोलाई, साल्मोनेला, शिगेला, इनके संपर्क में आने से दस्त, उल्टी, पेट दर्द, टाइफॉयड, हैजा (कॉलेरा) और हेपेटाइटिस-A जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है।
फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया से कैसे करें बचाव?
इस तरह के संक्रमण से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है: हमेशा उबालकर या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं, हाथों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें, खुले में शौच से बचें, संदिग्ध पानी से बनी बर्फ या खाद्य पदार्थों से दूरी रखें, फीकल कोलिफार्म की जांच दरअसल हमें पहले ही चेतावनी देती है कि पानी या भोजन का इस्तेमाल करने से पहले सतर्क रहना जरूरी है, ताकि गंभीर बीमारियों से बचा जा सके।



