नए साल से पहले अलेप्पो में आतंकी हमला, एक सुरक्षाकर्मी शहीद
नए साल की सुरक्षा के बीच अलेप्पो में आत्मघाती हमला, एक सुरक्षाकर्मी शहीद हमलावर के ISIS से जुड़े होने की आशंका, ईसाई इलाकों को था निशाना नई सरकार के सामने बढ़ती आतंकी गतिविधियां बनीं बड़ी चुनौती
Syreia: सीरिया के उत्तरी शहर अलेप्पो में बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया। इस हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। सीरियाई गृह मंत्रालय और सरकारी मीडिया ने घटना की पुष्टि की है। यह हमला अलेप्पो के बाब अल-फराज इलाके में हुआ, जो ऐतिहासिक केंद्र के पास स्थित एक व्यस्त इलाका है। उस वक्त सुरक्षा बल नए साल के जश्न को लेकर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे थे।
हमलावर को रोकते हुए शहीद हुआ जवान
अलेप्पो के गवर्नर अजाम अल-गरीब ने बताया कि पुलिस गश्ती दल ने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा, जिसके बाद उसका पीछा किया गया। इसी दौरान एक बहादुर पुलिसकर्मी ने हमलावर को पकड़ लिया। खुद को घिरा देख हमलावर ने विस्फोट कर लिया, जिसमें पुलिसकर्मी शहीद हो गया। गवर्नर ने शहीद जवान की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ISIS से जुड़े होने की आशंका
सीरियाई गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नूरेद्दीन अल-बाबा ने सरकारी टीवी को बताया कि शुरुआती जांच में हमलावर के दाएश (ISIS) से जुड़े होने की संभावना है। आशंका जताई जा रही है कि उसका मकसद पास के ईसाई इलाकों या चर्चों को निशाना बनाना था। हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
सीरिया में फिर बढ़ रही आतंकी गतिविधियां
यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब सीरिया में ISIS से जुड़े हमलों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। 13 दिसंबर को एक आत्मघाती हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक की मौत हो गई थी। इसके बाद अमेरिकी सेना ने सीरिया में ISIS के ठिकानों पर कई हवाई हमले किए, जिनमें कई आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया।
अलावी मस्जिद पर भी हो चुका है हमला
इससे पहले होम्स शहर की एक अलावी मस्जिद में हुए धमाके में कम से कम 8 लोगों की मौत और 18 के घायल होने की खबर सामने आई थी। इस हमले की जिम्मेदारी ‘सराया अंसार अल-सुन्ना’ नाम के संगठन ने ली थी, जिसने अलावी समुदाय को निशाना बनाने की बात स्वीकार की थी।
नई सरकार के सामने बड़ी सुरक्षा चुनौती
गौरतलब है कि सीरिया की नई सरकार, जिसके राष्ट्रपति अहमद अल-शरा हैं, ने नवंबर 2025 में अमेरिका की यात्रा के दौरान ISIS विरोधी अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल होने का ऐलान किया था। यह फैसला बशर अल-असद सरकार के पतन के बाद देश के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि, लगातार हो रहे आतंकी हमले साफ संकेत दे रहे हैं कि सीरिया के सामने सुरक्षा और स्थिरता की चुनौती अब भी गंभीर बनी हुई है।



