पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर गिरफ्तार, 1999 में प्लाट घोटाले का SIT ने किया खुलासा

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को 1999 के औद्योगिक प्लाट घोटाले में गिरफ्तार किया गया। SIT ने गहन जांच के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की। अभियुक्त को देवरिया न्यायालय में पेश किया जाएगा।

 

लखनऊ: पश्चिमी जोन पुलिस कमिश्नरेट ने एक सनसनीखेज मामले में कार्रवाई करते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक लंबित औद्योगिक प्लाट घोटाले से जुड़ी है, जिसकी जांच डीसीपी पश्चिमी द्वारा गठित SIT ने की थी।

 

घोटाले का समय और तरीका

मामला वर्ष 1999 का है, जब अमिताभ ठाकुर जनपद देवरिया में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। उनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जिला उद्योग केंद्र देवरिया से औद्योगिक प्लाट संख्या B-2 का आवंटन अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर करवा लिया।

 

फर्जी दस्तावेज और झूठे नामों का इस्तेमाल

शिकायती प्रार्थना पत्र के अनुसार, नूतन ठाकुर ने अपने और अपने पति के वास्तविक नाम व पते के स्थान पर फर्जी नाम (नूतन देवी) और झूठे पते का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया में कूट रचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी विभागों को गुमराह किया गया और बाद में इस प्लाट का विक्रय कर लाभ कमाया गया।

 

कानूनी कार्रवाई और केस पंजीकरण

घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना तालकटोरा पर अपराध संख्या 183/25, धारा 419, 420, 467, 468, 471, 34, 120 बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था।

 

SIT की जांच और साक्ष्य संकलन

SIT ने गहन जांच के तहत देवरिया में अभिलेखीय साक्ष्य संकलन, बिहार में नाम-पते की सत्यापन प्रक्रिया और गवाहों से पूछताछ की।

 

गिरफ्तारी और न्यायालय में पेशी

इस पूरी जांच में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आज, दिनांक 10.12.2025, लगभग 3:45 बजे अमिताभ ठाकुर को सीतापुर महोली बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया। अब उन्हें घटनास्थल देवरिया के न्यायालय में पेश किया जाएगा।

 

पुलिस का बयान

पुलिस कमिश्नरेट ने कहा कि यह कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के बाद की गई है और सभी पक्षकारों के हितों का ध्यान रखा गया है।

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