चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ से श्रीलंका में तबाही, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

श्रीलंका में चक्रवात ‘दित्वा’ से भारी तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत शुरू की बड़ी राहत पहल वायुसेना और NDRF की टीमों ने बचाव मिशन में तेज़ी लाई

चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। हालात इतने गंभीर हैं कि बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं और कई इलाकों में बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। बढ़ते संकट को देखते हुए भारत ने तुरंत मानवीय सहायता भेजनी शुरू कर दी है। भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। इसके लिए सी-130J परिवहन विमान, IL-76, और MI-17 V5 हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है। सी-130J विमान NDRF की टीम और उपकरण लेकर श्रीलंका पहुंचा, जबकि MI-17 हेलीकॉप्टर लगातार राहत और रेस्क्यू में जुटे हुए हैं।

 

हाइब्रिड रेस्क्यू मिशन, 24 लोग सुरक्षित निकाले गए

श्रीलंका में फंसे यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना ने एक विशेष हाइब्रिड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। गरुड़ कमांडो टीम को कठिन क्रॉस-कंट्री रूट से कोटमाले पहुंचाया गया, वहां से 24 यात्रियों जिनमें भारतीय, विदेशी नागरिक और श्रीलंकाई शामिल थे  को सुरक्षित कोलंबो लाया गया, तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को भी तुरंत मेडिकल सहायता के लिए एयरलिफ्ट किया गया, इससे पहले, श्रीलंकाई सेना की मदद के लिए वायुसेना 40 सैनिकों को भूस्खलन प्रभावित इलाके में एयरलिफ्ट कर चुकी है।

 

21 टन राहत सामग्री पहुंचाई गई

शनिवार को भारतीय वायुसेना के सी-130J और IL-76 विमानों ने कोलंबो में लगभग 21 टन राहत सामग्री उतारी। इसमें शामिल था: 80 NDRF कर्मी, 4 डॉग स्क्वायड, 8 टन HADR उपकरण, 9 टन अतिरिक्त राहत सामग्री, पहली राहत खेप नौसेना के INS विक्रांत और INS उदयगिरि के जरिए पहुंचाई गई थी।

 

तूफान में अब तक 150 मौतें, 43,000 से अधिक लोग प्रभावित

श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार: मरने वालों की संख्या 150 तक पहुंच गई है, कई लोग अभी भी लापता हैं, 12,313 परिवारों के 43,900 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, हालात को देखते हुए बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।

 

भारतीय उच्चायोग भी सक्रिय, फंसे यात्रियों को मदद

कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने भी मोर्चा संभाल लिया है। हवाई यातायात प्रभावित होने के कारण एयरपोर्ट पर फंसे भारतीय यात्रियों को: भोजन, पानी, आवश्यक सहायता, लगातार उपलब्ध करवाई जा रही है।

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