जयपुर में नाबालिग की रफ्तार से हंगामा, बोला– ‘पूर्व मंत्री का बेटा हूं, कुछ नहीं बिगाड़ सकते’
जयपुर में पूर्व मंत्री राजकुमार शर्मा के नाबालिग बेटे ने ऑडी कार से तीन वाहनों को टक्कर मारी और खुद को मंत्री का बेटा बताते हुए धमकाया। पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे। सोशल मीडिया पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठी है।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार को तेज रफ्तार ऑडी कार ने कहर बरपा दिया। प्रतापनगर थाना क्षेत्र के एनआरआई सर्किल पर इस लग्जरी कार ने स्विफ्ट समेत तीन गाड़ियों को टक्कर मार दी। हादसे में स्विफ्ट कार में सवार पुलकित पारीक और उसकी साथी सुरभि गंभीर रूप से घायल हो गए। ऑडी चलाने वाला नाबालिग लड़का पूर्व मंत्री राजकुमार शर्मा का बेटा बताया जा रहा है।
‘मैं पूर्व मंत्री का बेटा हूं’, धमकी और मारपीट का आरोप
हादसे के बाद जब पीड़ित ने विरोध जताया तो नाबालिग ने रौब झाड़ते हुए कहा, “मैं पूर्व मंत्री का बेटा हूं, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इसके बाद उसने पुलकित और उसकी दोस्त के साथ मारपीट भी की। चश्मदीदों के मुताबिक, नाबालिग कार सवार के साथ उसके दो दोस्त और भी मौजूद थे। कार हरियाणा नंबर की थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पास खड़ी अन्य गाड़ियां और एक चबूतरा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
पुलिस ने छोड़ा आरोपी, कमिश्नर के दखल के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
पीड़ित पुलकित ने आरोप लगाया कि प्रतापनगर थाना पुलिस ने शुरू में रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया और आरोपी को मौके से जाने दिया। करीब पांच घंटे बाद जब उसने जयपुर पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी, तब जाकर मामला दर्ज हुआ। फिलहाल आरोपी नाबालिग की तलाश जारी है।
पीड़ित को सात टांके, अस्पताल में भर्ती
हादसे में पुलकित को सिर में गंभीर चोटें आईं और उसे सात टांके लगे। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। पीड़ित का कहना है कि नाबालिग ने नशे में कार चलाई और घटना के बाद बार–बार धमकाता रहा।
पूर्व मंत्री राजकुमार शर्मा फिर विवादों में
राजकुमार शर्मा गहलोत सरकार में चिकित्सा मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वे नवलगढ़ से कांग्रेस विधायक हैं। छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले शर्मा पहले बसपा में थे, बाद में कांग्रेस में शामिल हुए। यह घटना एक बार फिर उन्हें विवादों के केंद्र में ले आई है।
सोशल मीडिया पर उबाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। लोग पूर्व मंत्री और उनके बेटे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यूजर्स ने लिखा कि “यह सड़कें सबकी हैं, सिर्फ रईसजादों की नहीं।”



