दिवाली से पहले यूपी की हवा जहरीली — गाजियाबाद सबसे प्रदूषित, नोएडा-दूसरे, हापुड़-तीसरे नंबर पर
दिवाली से पहले यूपी और एनसीआर की हवा जहरीली हो गई है। गाजियाबाद 333 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बना, नोएडा और हापुड़ उसके बाद हैं। पटाखे, धूल और वाहनों के धुएं ने हालात बिगाड़े हैं। डॉक्टरों ने सांस के मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

नई दिल्ली:दिवाली से पहले ही उत्तर प्रदेश के कई शहरों की हवा बेहद खराब हो चुकी है। रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद 333 एक्यूआई के साथ देश का सबसेप्रदूषितशहर बना। इसके बाद नोएडा 329 एक्यूआई के साथ दूसरे और हापुड़ 306 एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के बाकी शहर भी प्रदूषण की गिरफ्त में हैं—दिल्ली का एक्यूआई 296, ग्रेटर नोएडा का 287, गुरुग्राम का 245 और फरीदाबाद का 125 दर्ज किया गया।
नोएडा के कई सेक्टर रेड जोन में
नोएडा में वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” श्रेणी में पहुंच गई है। शहर के कई सेक्टरों में एक्यूआई रेड जोन में रहा। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सेक्टर-116 (AQI 363), सेक्टर-125 (AQI 362) और सेक्टर-1 (AQI 333) शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्तर सांस लेने के लिए अत्यंत खतरनाक है।
पटाखों और धूल से बिगड़ी हवा की हालत
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद बाजारों में अवैध पटाखों की बिक्री जारी है, जिससे प्रदूषण स्तर और बढ़ गया है। धूल, वाहनों का धुआं और बढ़ती निर्माण गतिविधियां भी प्रदूषण में इजाफा कर रही हैं। पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो रही है।
डॉक्टरों की चेतावनी
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान प्रदूषण स्तर अस्थमा और सांस की बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए बेहद खतरनाक है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि दिवाली के दौरान लोग मास्क पहनें, घर से कम निकलें और एयर प्यूरिफायर का उपयोग करें।



