गिरिराज का ‘नमक हराम’ बयान वायरल, विपक्ष ने कसा तंज, जदयू ने किया बचाव

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अरवल रैली में मुसलमानों के लिए ‘नमक हराम’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिससे विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। संजय राउत ने तंज कसा, कांग्रेस ने मानसिक अस्वस्थ घोषित करने की मांग की, जबकि जदयू ने उनका बचाव किया और पप्पू यादव ने चेतावनी दी।

पटना: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अरवल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुसलमानों के लिएनमक हरामशब्द का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बावजूद बीजेपी को वोट नहीं देते, उन्हें इस शब्द से संबोधित किया जाना चाहिए। गिरिराज ने कहा कि उन्होंने मौलवी साहब से पूछा कि क्या उन्हें आयुष्मान कार्ड मिला और क्या इसमें किसी प्रकार का भेदभाव हुआ। मौलवी ने इसका सकारात्मक जवाब दिया, लेकिन वोट देने पर चुप हो गए। गिरिराज ने कहा, हमें ऐसेनमक हरामोंके वोट नहीं चाहिए।

विपक्ष ने गिरिराज पर तीखी प्रतिक्रिया दी

इस बयान के बाद विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस ने गिरिराज सिंह को मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित करने की मांग की। प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि उनका दिमाग खराब हो गया है और वे केवल सांप्रदायिक राजनीति में लगे हैं। उनका आरोप था कि गिरिराज देश को बांटने और धार्मिक तनाव पैदा करने के अलावा किसी अन्य काम में नहीं हैं।

संजय राउत ने गिरिराज को घेरे

शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने गिरिराज सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि मुसलमानों के अलावा हिंदू भी उन्हें वोट नहीं दे रहे हैं। राउत ने कहा कि गिरिराज वोट चोरी करके सत्ता में हैं और प्रधानमंत्री मोदी को उन्हें मंत्रिमंडल से हटाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुसलमानों ने 2014 में मोदी को वोट दिया था और बिहार और यूपी में बीजेपी को समर्थन मिला।

जेडीयू ने दिया समर्थन

वहीं, जदयू ने गिरिराज सिंह का बचाव किया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी के साथ पक्षपात नहीं करती और योजनाओं का लाभ सभी को मिलता है। प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि मतदाता समझदार हैं और किसी भी टिप्पणी से प्रभावित नहीं होकर अपना निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के मुस्लिम समुदाय को नीतीश कुमार पर भरोसा है।

पप्पू यादव ने गिरिराज को चेतावनी दी

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि गिरिराज सिंह को अपने अंदर झांककर देखना चाहिए और यह पहचानना चाहिए कि स्वतंत्रता संग्राम के समय कौन गद्दार थे। उन्होंने कहा कि भारत के सबसे बड़े दुश्मनों को पहचानना चाहिए, जिन्होंने अंग्रेजों की सेवा की और शासन बनाए रखा।

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